'किस्मत से लडने में मजा आ रहा है दोस्तों, ये मुझे जीने नहीं दे रही और हार मैं मान नहीं रहा’। ये लाइनें शूटर दीपक कुमार ने अपने वाट्स एप डिसप्ले पिक्चर पर लगा रखी हैं। हकीकत भी यही है। बीते एक साल से वायुसेना में सार्जेंट 31 साल के दीपक के हाथ से टोकियो ओलंपिक का कोटा फिसल जा रहा था। पहले वल्र्ड चैंपियनशिप का फाइनल फिर उन्होंने ओलंपिक क्वालिफाइंग दो विश्व कप के फाइनल में प्रवेश किया, लेकिन मुहाने पर पहुंचकर भी टोक्यो का टिकट उनसे दूर रहा। आखिर मंगलवार को दोहा में दीपक का संघर्ष रंग लाया और उन्होंने एशियाई चैंपियनशिप में कांस्य पदक के साथ 10 मीटर एयर राइफल में देश को ओलंपिक कोटा दिला दिया।
जकार्ता एशियाई खेलों में 10 मीटर एयरराइफल में रजत जीतने वाले दीपक लंबे समय से उतार-चढ़ाव देख रहे हैं, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानने का फैसला कर रखा था। क्वालिफाइंग में वह 626.8 के स्कोर के साथ तीसरे स्थान पर रहे। फाइनल में उन्होंने 227.8 का स्कोर किया और दोनों चीनी शूटरों के बाद तीसरे स्थान पर रहे। यह पदक उन्हें ओलंपिक कोटा दिलाने के लिए काफी था