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रूस को एक और झटका, पूरी वेटलिफ्टिंग टीम पर ही लगा बैन

Sat, 30 Jul 2016 01:01 PM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला, नई दिल्ली
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रियो ओलंपिक - फोटो : getty
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रियो ओलंपिक से पहले डोपिंग का मामला खत्म नहीं हो रहा और अब एक नए कड़े फैसले के तहत रूस की पूरी वेटलिफ्टिंग टीम पर ही बैन लगा दिया गया है। खेल की महाशक्ति कहे जाने वाले रूस के लिए यह बड़ा झटका है।
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वेटलिफ्टिंग में रूस की ओर से 8 भारोत्तोलक इस ओलंपिक में हिस्सा लेने जाने वाले थे लेकिन हाल के डोपिंग मामलों के कारण अंतरराष्ट्रीय वेटलिफ्टिंग फेडरेशन (आईडब्ल्यूएफ) ने इस टीम पर ही भाग लेने से प्रतिबंधित कर दिया गया।

आईडब्ल्यूएफ ने अपने बयान में कहा कि ओलंपिक के लिए जाने वाले रूस के भारोत्तोलकों की टीम ने कई बार गंभीर स्तर पर नियमों का उल्लंघन किया है और खेल की गरिमा को गिराया है, इस कारण खेल के स्तर को बचाए रखने के लिए इन खिलाड़ियों पर बैन लगाने का फैसला लिया गया।
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रूस ओलंपिक समिति ने रियो के लिए 387 खिलाड़ियों को भेज रहा था जिसमें से अब तक 117 खिलाड़ी डोपिंग में पकड़े जाने के बाद इस खेल में हिस्सा लेने से प्रतिबंधित कर दिया गया। इन 117 में से 67 ट्रैक और 5 फील्ड एथलीट शामिल हैं जिन्हें हिस्सा लेने से रोका गया है।
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तो वर्ल्ड चैंपियन भी नहीं जा पाएंगे रियो

वेटलिफ्टिंग टीम में शामिल 8 खिलाड़ियों में से एक आर्टम ओकुलोव वर्ल्ड चैंपियन हैं वहीं रसलान एल्बीगोव ने लंदन ओलंपिक में कांस्य पदक जीता था जबकि महिला भारोत्तोलक तातियाना काशिरिना ने इसी गेम्स से रजत पदक जीता था।

दूसरी ओर, अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति (आईओसी) पर इस बात के लिए खासा दबाव है कि वह 5 अगस्त से शुरू हो रहे गेम्स के लिए रूस की पूरी टीम पर ही बैन लगा दिया जाए। हालांकि पिछले दिनों आईओसी ने पूरी रूसी टीम पर बैन लगाने के बजाए हर खेल के अंतरराष्ट्रीय संघों पर छोड़ दिया था कि वह अपने हिसाब से खिलाड़ियों पर बैन लगाए।
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