राठौड़ ने कहा, 'देशों में खेलों को बढ़ावा देने के लिए अगले साल से स्कूलों में पाठ्यक्रम 50 फीसदी कर खेल का पीरियड (घंटा) जरूरी कर दिया जाएगा। हम अब उस दौर में पहुंच गए हैं जहां खेल शिक्षा का हिस्सा नहीं बल्कि यह शिक्षा है।
शिक्षा मंत्रालय यह सुनिश्चित करने में जुटा है कि 2019 तक पाठयक्रम को 50 फीसदी कर दिया जाए और खेल का पीरियड नियमित हो। साथ ही इस साल हम 20 विशेष खेल स्कूल खोलेंगे अर इसमें सरकार हर में सात से दस करोड़ तक खर्च करेगी। हर खेल स्कूल में फोकस दो से तीन खेलों पर रहेगा।’
भारत के पूर्व रग्बी खिलाड़ी और फिल्म अभिनेता राहुल बोस ने खेल मंत्री राज्यवर्धन सिंह राठौड़ से 2004 एथेंस ओलंपिक में निशानेबाजी में रजत पदक जीतने की यादों को साझा करने को कहा। इस पर राठौड़ खासे भावुक तो हुए ही पुरानी यादों में खेल गए। भारत के लिए 2004 में एथेंस ओलंपिक में निशानेबाजी में डबल ट्रैप स्पद्र्धा में रजत पदक जीतने वाले खेल मंत्री
राज्यवर्धन सिंह राठौड़ अपने इस रजत पदक की चर्चा करते हुए यादों में खो जाते हैं। राठौड़ कहते हैं, '2003 में मैंने डबल ट्रैप में जहां भी जिस भी टूर्नामेंट में शिरकत की तो मैं टॉप थ्री में रहा। जब मैं 2004 में एथेंस ओलंपिक में खेलने उतरा तो तब तक मुझमें यह भरोसा आ चुका था कि मैं देश के लिए इस बार मेडल जरूर जीतेगा। मेरा विश्वास रंग लाया और मैं देश के लिए एथेंस ओलंपिक में रजत पदक जीतने कामयाब रहा।
अभिनव बिंद्रा ने बीजिंग ओलंपिक में चार बरस बाद एयर पिस्टल में अभिनव बिंद्रा ने स्वर्ण पदक जीता। मनु भाखर जैसी 16 बरस की निशानेबाज ने पहली बार निशानेबाजी विश्व कप और गोल्ड कोस्ट राष्ट्रमंडल खेलों में स्वर्ण पदक जीता। इस तरह की शानदार कामयाबियों से भारत में निशानेबाजी की बाबत सोच और फिजां ही बदल गई। इससे भारतीय निशानेबाजों में विश्व मंच पर कहीं भी बेहतर प्रदर्शन करने का विश्वास पैदा हुआ।