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देश के झंडे तले नहीं खेल सकेंगे प्रतिबंधित खेल संघ   

Tue, 30 Oct 2018 03:40 AM IST
हेमंत रस्तोगी, अमर उजाला, नई दिल्ली
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खेल मंत्रालय - फोटो : hindustan times
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खेल मंत्रालय ने बड़ा फैसला लेते हुए गैर मान्यता प्राप्त और प्रतिबंधित खेल संघों पर अंतरराष्ट्रीय कंपटीशन में देश का नाम इस्तेमाल करने पर पाबंदी लगा दी है। इस आदेश के बाद मंत्रालय से प्रतिबंधित चल रहे तीरंदाजी, जिम्नास्टिक, ताईक्वांडो जैसे खेल संघों के खिलाड़ी अंतरराष्ट्रीय कंपटीशनों में देश के झंडे तले नहीं खेल पाएंगे। हालांकि मंत्रालय से मान्यता प्राप्त खेल संघों में बीसीसीआई का नाम नहीं है, लेकिन उसने क्रिकेट बोर्ड पर अपनी स्थिति साफ नहीं की है। 

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मंत्रालय के इस फैसले के बाद जिम्नास्टिक ने अगले माह होने वाले ओलंपिक क्वालिफाइंग विश्व कप में टीम रोकने की धमकी दे दी है। वहीं इंडियन ओलंपिक एसोसिएशन इस मुद्दे को अपनी कार्यकारिणी में रखने जा रहा है।

मंत्रालय की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि कई उदाहरण ऐसे सामने आए हैं जिनमें कई खेल संघ खुले आम अंतराष्ट्रीय कंपटीशनों में इंडियाट और इंडियन शब्द का इस्तेमाल कर रहे हैं। नए आदेश के तहत अब ये खेल संघ ऐसा नहीं कर सकेंगे। यही नहीं आदेश में यह भी कहा गया है कि जो खेल संघ मंत्रालय से पिछले छह माह से अस्थाई रूप से प्रतिबंधित हैं। उनकेखिलाडिय़ों को देश का नाम इस्तेमाल करने की इजाजत नहीं है। 
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तीरंदाजी संघ पिछले कई सालों से प्रतिबंधित है, लेर न इस संघ ने दिसंबर माह तक चुनाव कराने का दावा किया है। वहीं जिम्नास्टिक संघ का कहना है कि उन्हें इस बारे में जानकारी ही नहीं है। अगर ऐसा है तो बिना देश के नाम के अगले माह कोट्सबर (जर्मनी) में होने वाले विश्व कप में उनके लिए टीम भेजना मुश्किल होगा। 

मंत्रालय ने इन दोनों के अलावा शूटिंग बाल और ताईक्वांडों फेडरेशन को भी अनियमितताओं के चलते प्रतिबंधित कर रखा है। मंत्रालय से गैर मान्यता प्राप्त खेल संघों में एशियाई खेलों में शामिल कुराश और सांबो जैसे खेल भी हैं। मंत्रालय से मान्यता प्राप्त खेल संघों की संख्या 54 है। आईओए के सेक्रेटरी जनरल राजीव मेहता का कहना है कि यह गंभीर विषय है। इस मुद्दे को वह आईओए की कार्यकारिणी में रखने जा रहे हैं। वहीं इस पर अंतिम फैसला लिया जाएगा।


बीसीसीआई कह चुका है नहीं मानते खुद को खेल संघ
मंत्रालय के आदेश की मानें तो यह फैसला बीसीसीआई पर भी लागू होना चाहिए, लेकिन बोर्ड पदाधिकारी यह पहले ही कह चुके हैं कि वे मंत्रालय से कोई आर्थिक मदद नहीं लेते हैं। ऐसे में वे अपने को राष्ट्रीय खेल संघ की श्रेणी में नहीं रखते हैं। इसके बाद ही मंत्रालय ने अपने मान्यता प्राप्त खेल संघों की सूची में बीसीसीआई को जगह भी नहीं दी।

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