रेसिंग प्वाइंट टीम के मर्सिडीज कार के ब्रेक डक्ट की कॉपी करने के लिए शुक्रवार को फार्मूला वन कंस्ट्रक्टर्स चैंपियनशिप में से 15 अंक काट लिए गए और उस पर 400,000 यूरो (470,000 डॉलर) का जुर्माना लगाया गया। अब एक नियम बनाने की योजना बन रही है जो टीमों को ऐसा करने से रोकेगा।
कार के स्टेवार्ड ने कहा कि मर्सिडीज टीम पार्ट बनाने की मुख्य डिजाइनर थी, जो उसने 2019 में चैंपिनयशिप जीतने वाली कार के लिए डिजाइन किया था और रेसिंग प्वाइंट ने मर्सिडीज से मिले कम्प्यूटर डिजाइन डाटा में केवल मामूली बदलाव किया। प्रतिद्वंद्वी टीम रेनो ने ब्रेक डक्ट के इस्तेमाल की वैधता को लेकर विरोध दर्ज किया था क्योंकि टीमों को अपने पार्ट खुद ही डिजाइन करने पड़ेंगे।
फार्मूला वन के 2020 नियमों के अंतर्गत ब्रेक डक्ट को 'लिस्टिड पार्ट' में डाला गया था। रेसिंग प्वाइंट ने हालांकि बचाव में कहा कि वह केवल मर्सिडीज से मिली सूचना का इस्तेमाल करके अपना डिजाइन बना रहा था। हाल के वर्षों में एयरोडायनेमिक फायदा उठाने के लिए ब्रेक डक्ट के इस्तेमाल का चलन काफी बढ़ गया है।
रेसिंग प्वाइंट मर्सिडीज के 'कस्टमर इंजन' का इस्तेमाल करता है और उसने स्वीकार किया कि इसकी 2020 कार का डिजाइन पिछले साल की मर्सिडीज कार की फोटो को देखकर बनाया गया था। फॉर्मूला वन की संचालन संस्था एफआईए चाहती हैं कि ऐसा दोबारा नहीं हो। एफ-1 वेबसाइट पर एफआईए के निकलास टॉम्बाजिस ने टिप्पणी की, 'हम अगले साल ग्रिड पर आठ या 10 मर्सिडीज या फिर मर्सिडीज की प्रतियां नहीं चाहते।'