रणनीति और जोखिम जिसने बदली तस्वीर
19 वर्षीय प्रज्ञानंद ने यह जगह बेहद रोमांचक अंदाज़ में हासिल की। उन्होंने अंतिम समय में लंदन चेस क्लासिक ओपन में प्रवेश करने का फैसला किया और यही निर्णय निर्णायक साबित हुआ। इस कदम ने उन्हें FIDE सर्किट में शीर्ष पर बनाए रखा और अब आगामी रैपिड और ब्लिट्ज इवेंट्स के परिणामों पर उनकी योग्यता निर्भर नहीं रही।
इस सर्किट में पहले ही अनीश गिरी, फेबियानो कारुआना, माथियास ब्लूबाउम और जावोखिम सिंदारोव जैसे दिग्गज खिलाड़ी कैंडिडेट्स के लिए क्वालीफाई कर चुके थे। वहीं, नोदिरबेक अब्दुसत्तोरोव ने लंदन चेस क्लासिक एलीट में शानदार खेल दिखाते हुए 19.62 पॉइंट जुटाए और रिकॉर्ड स्तर का प्रदर्शन किया। इसके बावजूद प्रज्ञानंद की कुल बढ़त बरकरार रही।