अब तक खिलाड़ियों पर पदक जीतने के बाद ही रुपयों की बरसात होती थी, लेकिन इस बार सरकार ने रियो ओलंपिक का टिकट हासिल करने वालों को ही इनाम देने की घोषणा कर डाली है।
ओलंपिक क्वालीफायरों को यह इनाम जेब खर्च के रूप में मिलेगा। खेल मंत्रालय ने रियो का टिकट हासिल कर चुके प्रत्येक खिलाड़ी को एक लाख रुपये महीने का जेब खर्च देने की तैयारी कर ली है। खिलाड़ी अगर विदेश में ट्रेनिंग कर रहा है तो उसे प्रति दिन सौ अमेरिकी डॉलर का जेब खर्च दिया जाएगा।
खास बात यह है कि इस राशि का खिलाड़ियों को कोई हिसाब-किताब नहीं देना होगा। सिर्फ खिलाड़ी ही नहीं विदेश में ट्रेनिंग के दौरान उनके साथ तैयारियों में जुटे कोच और सपोर्ट स्टाफ को भी 50 डॉलर प्रति दिन का जेब खर्च दिया जाएगा।
मंत्रालय की ओर से खिलाड़ियों को यह जेब खर्च रियो ओलंपिक तक दिया जाएगा। खिलाड़ियों के लिए इस जेब खर्च को एक मई से ओलंपिक के आयोजन तक लागू किया जा रहा है। यह पहली बार है जब ओलंपिक क्वालीफायरों को देश में तैयारियां करने के दौरान जेब खर्च मुहैया कराया जाएगा। मंत्रालय की ओर से खिलाडिय़ों के बैंक खातों में यह राशि सीधे तौर पर डाली जाएगी।
खिलाड़ियों से उनके कोच और सपोर्ट स्टाफ की जानकारी भी मांगी जा रही है। सूत्र बताते हैं कि कुछ खिलाड़ियों ने जेब खर्च की बात मंत्रालय के पदाधिकारियों के संज्ञान में लाई थी, जिसे तुरंत स्वीकार कर लिया गया।
अब तक 89 खिलाड़ी रियो ओलंपिक के लिए क्वालीफाई कर चुके हैं। उम्मीद है कि यह आंकड़ा सौ को भी पार कर सकता है। एथलेटिक्स में महिलाओं की चार गुणा चार सौ मीटर रिले समेत कुछ एथलीट, टेनिस टीम, जूडो, बॉक्सर और पुरुष तीरंदाजों के अभी भी ओलंपिक क्वालीफाई करने की उम्मीद बनी हुई है। हालांकि ओलंपिक क्वालीफायरों को उनकी मनमाफिक तैयारियों के लिए सीधे तौर पर टॉप्स में शामिल किया जा रहा है। उनकी तैयारियों के लिए 30 लाख रुपये की एक मुश्त राशि आवंटित की जा रही है, लेकिन इसका खिलाड़ियों को हिसाब-किताब देना होगा।
खिलाड़ियों को ट्रेनिंग के दौरान अपने ऊपर आने वाले खर्च में दिक्कत नहीं हो इसके लिए एक लाख रुपये का जेब खर्च निर्धारित किया गया है।