क्यू स्पोर्ट्स में भारतीय दिग्गज पंकज आडवाणी ने आईबीएसएफ विश्व बिलियर्ड्स चैंपियनशिप में अपना 21वां विश्व खिताब जीता। उन्होंने लंबे और छोटे दोनों प्रारूपों में रिकॉर्ड चौथी बार कब्जा किया।
ज्यादातार समय वह लंबे प्रारूप पर कब्जा बनाने में सफल रहे हैं। पंकज के गृहनगर बंगलूरू के बी भास्कर को रजत पदक मिला। भास्कर दो बार एशिया में रजत पदक जीत चुके हैं और विश्व स्तर पर उनके नाम पहले एक कांस्य पदक है।
पिछले साल पंकज ने बिलियर्ड्स में छोटे प्रारूप में खिताब हासिल किया था जबकि लंबे प्रारूप में उन्होंने कांस्य पदक जीता था। उसके बाद उन्होंने स्नूकर खिताब भी जीता था। वह दुनिया के ऐसे पहले खिलाड़ी है जिन्होंने बिलियर्ड्स और स्नूकर दोनों में पूरे दबदबे के साथ विश्व खिताब हासिल किया है। इस साल वह अब तक तीन विश्व खिताब जीत चुके हैं। अगले दस दिनों में वह अपने विश्व स्नूकर खिताब की रक्षा करने के लिए उतरेंगे।
फाइनल में भास्कर की शुरुआत अच्छी नहीं थी जब पंकज ने 190 के ब्रेक के साथ धमाकेदार शुरुआत की थी। उसके बाद 173 और 198 के साथ उन्होंने अपनी बढ़त को और मजबूत कर दिया था। भास्कर एक शतक तक नहीं लगा पाए थे। एक बार तो वह यह सोचकर कुर्सी पर बैठ गए थे कि पंकज को रोकना मुमकिन नहीं है। जब पंकज हजार का आंकड़ा पार कर चुके थे तब भास्कर का स्कोर 206 था। आठ सौ से ज्यादा के अंतर को पाटना भास्कर के लिए बेहद मुश्किल था। इससे पहले पंकज ने इंग्लैंड के माइक रसेल और डेविड कौजियर को हराकर फाइनल में जगह पक्की की थी।
जीत के बाद पंकज आडवाणी ने कहा, 'बिलियर्ड्स में अपना चौथा ग्रैंड डबल जीतकर सातवें आसमान पर हूं। यहां चुनौती आसान नहीं थी। भास्कर के अलावा कौजियर और रसेल भी थे। अपना 21वां विश्व खिताब जीतकर मैं बेहद रोमांचित हूं।'
04: बार विश्व खिताब का ग्रैंड डबल पूरा किया है भारतीय क्यू खिलाड़ी ने