नीरज चोपड़ा के मुरीद क्रिकेट से भालाफेंक में आए पाकिस्तान के अरशद नदीम को उम्मीद है कि एक दिन वह इस भारतीय धुरंधर की तरह कामयाब होंगे हालांकि उन्हें बखूबी इल्म है कि प्रदर्शन में जमीन आसमान का फर्क है। नदीम को एशियाई खेलों में 80.75 मीटर के थ्रो के साथ कांस्य से संतोष करना पड़ा जबकि नीरज ने 88.06 मीटर का थ्रो लगाकर स्वर्ण पदक जीता।
पाकिस्तान के पंजाब के खानेवाल के रहने वाले 20 बरस के नदीम ने कहा, 'नीरज कमाल का खिलाड़ी है। मैंने भारत में सैफ चैम्पियनशिप और एशियाई जूनियर चैम्पियनशिप के अलावा उसके खिलाफ आठ बार खेला है। उसके पास विदेशी कोच है , मेरे पास नहीं। उसकी उपलब्धियां मुझे प्रेरित करती है और मेरा लक्ष्य एक दिन उसके जैसा बनना है।'
नदीम ने पाकिस्तान में राज्य स्तर पर अंडर-17 क्रिकेट खेला है। वह तेज गेंदबाज थे और उनका रनअप सोहेल तनवीर की तरह था। उन्होंने कहा, 'भारत की तरह पाकिस्तान में भी क्रिकेट की दीवानगी सिर चढ़कर बोलती है। मैंने तीन साल पहले जब से भालाफेंक में पदार्पण किया, क्रिकेट देखना ही छोड़ दिया।' उन्होंने कहा ,'जिस राह जाना नहीं, उसका रास्ता क्या देखना।'