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खेल रत्न के लिए शूटिंग से अंजुम मुदगिल का नाम, अभिषेक वर्मा अर्जुन अवॉर्ड तो राणा द्रोणाचार्य के दावेदार

Thu, 14 May 2020 02:59 PM IST
अंशुल तलमले स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला

सार

अंजुम सर्वोच्च खेल सम्मान राजीव गांधी खेल रत्न की दावेदार
द्रोणाचार्य अवॉर्ड के लिए लगातार दूसरे साल जसपाल का नाम भेजा
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अभिषेक वर्मा (बाएं) अंजिम मुद्गिल (मध्य) जसपाल राणा (दाएं) - फोटो : ट्विटर
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विस्तार
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भारतीय राष्ट्रीय राइफल संघ (एनआरएआई) ने दिग्गज राइफल निशानेबाज अंजुम मुदगिल को देश के सर्वोच्च खेल सम्मान राजीव गांधी खेल रत्न जबकि कोच जसपाल राणा तो लगातार दूसरे साल द्रोणाचार्य पुरस्कारों के लिए नामित किया है।

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फेडरेशन के सूत्रों के अनुसार NRAI ने प्रतिष्ठित अर्जुन अवार्ड के लिए चैंपियन पिस्टल शूटर अभिषेक वर्मा, सौरभ चौधरी, मनु भाकर और होनहार राइफल शूटर इलावेनिल वालारिवन के नाम भेजे हैं। मनु भाकर और वालारिवन के नाम गुरुवार को सूची में जोड़े गए।

महासंघ के एक सूत्र ने पीटीआई को बताया, 'अंजुम मुदगिल को खेल रत्न के लिए नामित किया गया है जबकि एनआरएआई ने एक बार फिर द्रोणाचार्य पुरस्कार के लिए जसपाल का नाम भेजा है। उनका हमेशा से मानना है कि वह इसका हकदार है और उम्मीद है कि उसे इस बार यह पुरस्कार मिलेगा।'

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कौन हैं अंजुम मुद्गिल?

26 साल की अंजुम ने 2008 में निशानेबाजी शुरू की और वह टोक्यो ओलंपिक के लिए निशानेबाजी में कोटा हासिल करने वाली पहली दो भारतीय निशानेबाजों में शामिल थी। चंडीगढ़ की इस निशानेबाज ने कोरिया में आईएसएसएफ विश्व कप में 10 मीटर एयर राइफल स्पर्धा में रजत पदक के साथ ओलंपिक कोटा हासिल किया। पिछले साल अंजुम और दिव्यांश सिंह पंवार की जोड़ी ने म्यूनिख और बीजिंग में आईएसएसएफ विश्व कप की 10 मीटर एयर राइफल मिश्रित टीम स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीते। वह म्यूनिख और रियो डि जिनेरियो में भी आईएसएसएफ विश्व कप की 10 मीटर एयर राइफल स्पर्धा के फाइनल में पहुंची। राजीव गांधी खेल रत्न पुरस्कार में खिलाड़ी को पदक, प्रमाण पत्र और सात लाख 50 हजार रुपये की इनामी राशि मिलती है।

जसपाल राणा को लेकर हुआ था विवाद

जसपाल राणा
पिछले साल जसपाल को पुरस्कार के लिए नहीं चुने जाने पर विवाद हो गया था और भारत के एकमात्र व्यक्तिगत ओलंपिक स्वर्ण पदक विजेता अभिनव बिंद्रा ने इस अनुभवी कोच को द्रोणाचार्य पुरस्कार के लिए नहीं चुनने पर चयन पैनल की आलोचना की थी। एशियाई खेलों में कई स्वर्ण पदक जीतने वाले 43 साल के जसपाल को मनु भाकर, सौरभ और अनीष भानवाला जैसे युवा निशानेबाजों को निखारकर विश्व स्तरीय निशानेबाज बनाने का श्रेय जाता है। पिछले साल अनदेखी के बावजूद जसपाल को उम्मीद है कि उनका चयन ‘निष्पक्ष’ होगा और सबसे हकदार उम्मीदवार को पुरस्कार मिलेगा। द्रोणाचार्य पुरस्कार अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में असाधारण नतीजे देने वाले खिलाड़ियों और टीमो को कोचिंग देने वाले खिलाड़ियों को दिया जाता है। इस पुरस्कार में पांच लाख रुपये की इनामी राशि दी जाती है।
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अभिषेक वर्मा के बारे में भी जानिए

अभिषेक वर्मा - फोटो : file
इंजीनियर से वकील और फिर निशानेबाज बने 30 साल के वर्मा ने निशानेबाजी में भारत के लिए पांचवां ओलंपिक कोटा हासिल किया था। उन्होंने पिछले साल अप्रैल में बीजिंग में आईएसएसएफ विश्व कप में 10 मीटर एयर पिस्टल में स्वर्ण पदक जीतकर यह उपलब्धि हासिल की। इससे दो महीने पहले दिग्गज निशानेबाजों की मौजूदगी में किशोर निशानेबाज चौधरी ने विश्व रिकार्ड के साथ सत्र के पहले विश्व कप में स्वर्ण पदक जीता था और देश को तीसरा ओलंपिक कोटा दिलाया था। इस साल की शुरुआत में चौधरी ने भोपाल में राष्ट्रीय प्रतियोगिता में 10 मीटर एयर पिस्टल में स्वर्ण पदक जीता था जबकि वर्मा ने कांस्य पदक हासिल किया था। वर्मा के नाम पर अब विश्व कप में दो स्वर्ण, एशियाई खेलों का कांस्य पदक और ओलंपिक कोटा स्थान है। इस साल चौधरी के साथ उनकी प्रतिद्वंद्विता शानदार रही। सोलह साल के चौधरी ने नयी दिल्ली और म्यूनिख विश्व कप में स्वर्ण पदक जीते।
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