बेहद मोटी रकम में साई की ओर से अनुबंधित किए जाने वाले विदेशी कोच अब अपनी जिम्मेदारी से नहीं बच पाएंगे। अभी तक विदेशी कोचों का असली मूल्यांकन कॉमनवेल्थ, एशियाई खेल या फिर ओलंपिक के बाद होता था। बीच के दिनों में विदेशी कोच क्या कर रहे हैं इस बारे में पूछताछ नहीं की जाती थी। यह पहली बार है जब विदेशी कोच की जवाबदेही तय कर उन्हें नंबर दिए जाएंगे। सूत्रों का कहना है कि इन दिशा निर्देशों से विदेशी कोच अपनी जिम्मेदारी से बच नहीं पाएंगे। इसका फायदा भारतीय खिलाड़ियों को मिलेगा।
बेहद खराब मूल्यांकन पर खत्म होगा करार
कोचेज को तकनीकि ज्ञान, तकनीकि के प्रति झुकाव, कोचिंग स्टाइल, नेतृत्व क्षमता, कैंप में मनोबल कायम रखना, सत्यनिष्ठा के लिए एक से पांच तक अंक मिलेंगे। ये नंबर उन्हें बताएंगे कि वह अपने काम में कहां पर खड़े हैं। प्रदर्शन बेहद खराब रहने पर खेल संघ से बातचीत के आधार पर करार को खत्म भी किया जाएगा।
खेल संघ निर्धारित करेंगे कोचिंग और अभ्यास के दिन
पहले छह माह पर मूल्यांकन विदेशी कोच अनुबंधित करने वाली साई की कमेटी करेगी जबकि साल के अंत में 360 डिग्री मूल्यांकन टॉप्स टीम करेगी। मूल्यांकन में सभी की भूमिका तय की गई है। खेल संघों को विदेशी कोच के लिए अभ्यास और कोचिंग के दिन निर्धारित करने होंगे। साई के साथ भारतीय कोचों के विकास में साझेदारी निभानी होगी। एनआईएस को इन विदेशी कोचेज की भारतीय कोचेज की शिक्षा में मदद लेनी होगी।