एशियाई खेलों के स्वर्ण पदक विजेता पंघाल (52 किग्रा) ने अब तक कोई भी राष्ट्रीय खेल पुरस्कार नहीं जीता है, उन्हें पिछले तीन वर्षों से अर्जुन पुरस्कार के लिए नामांकित किया जा रहा है, लेकिन 2012 की 'अनजाने' में डोपिंग करने के मामले में दोषी पाए जाने के कारण चयन समिति द्वारा उनके नाम पर विचार नहीं किया गया, जिसके बाद हाल ही में हरियाणा के इस मुक्केबाज ने खेल मंत्री किरन रिजिजू से राष्ट्रीय खेल पुरस्कारों के लिए चयन प्रक्रिया बदलने का आग्रह करते हुए मौजूदा तरीके को भेदभावपूर्ण बताया था। साल 2012 में अनजाने में हुए डोप अपराध के लिए लगातार अर्जुन पुरस्कार के लिए उनकी अनदेखी होती रही है।
मंत्री को लिखे पत्र में पंघाल ने कहा कि खिलाड़ियों को खुद का नामांकन कर आवेदन नहीं करना चाहिए। विश्व चैंपियनशिप के एकमात्र रजत पदक विजेता भारतीय मुक्केबाज ने कहा, ‘मौजूदा प्रक्रिया में एक खिलाड़ी को आवेदन भेजना होता है। फिर खेल समिति इन आवेदनों के आधार पर चयन करती है। पुरस्कार चयन में खेल समिति के सदस्यों द्वारा भेदभावपूर्ण फैसले होते हैं, जिनकी कोई जवाबदेही नहीं है। खेल मंत्रालय और साई के पास सारे रिकॉर्ड हैं। वे जानते हैं कि कौन हकदार है और कौन नहीं। अगर इस साल नहीं तो, भले ही अगले साल लेकिन कभी तो बदलाव आना चाहिए।