अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक कमेटी (आईओसी) ने रियो ओलंपिक से रूस के खिलाड़ियों पर पूरी तरह बैन नहीं लगाने का फैसला सुनाया है। हालांकि जिस रूसी खिलाड़ी को इन खेलों में भाग लेना है, उन्हें यह साबित करना होगा कि वो डोपिंग में शामिल नहीं थे।
आईसोसी ने प्रत्येक खेल संघ पर यह निर्णय छोड़ दिया कि वो रूसी खिलाड़ियो को भाग लेने की अनुमति दे या नहीं। डोपिंग विवाद सामने आने के बाद रूस के पूरी खिलाड़ी दस्त पर बैन की मांग उठी थी। इस फैसले के बाद अब रूस के खिलाड़ियों को 28 खेल महासंघों के सामने अपनी ‘बेगुनाही’ साबित करन होगी।
2014 सोच्चि खेलों में रूसी सरकार द्वारा आयोजित डोपिंग कांड के खुलासे के बाद से ही अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रूस की ओलंपिक भागीदारी पर बैन लगाने की मांग उठने लगी थी। मगर इस फैसले पर आईओसी ने रूस के प्रति काफी नरम रुख अपनाया है। इससे पहले रूस की ट्रैक और फील्ड टीम पर बैन पहले ही लगाया जा चुका है।