वाडा ने एनडीटीएल में एक जनवरी 2016 से 19 अगस्त 2019 तक किए गए 38 आईआरएमएस टेस्ट का डाक्यूमेंटेशन पैकेज मांगा था। सूत्र बताते हैं कि इन 38 में से 12 सैंपलों पर वाडा ने शक जताते हुए इनके सैंपल मांगे। इनमें से एनडीटीएल ने चार सैंपल वाडा को दिए। इन चारों सैंपल को रोम लैब में टेस्टिंग के लिए भेजा गया। ये चारों सैंपल एनडीटीएल में पॉजिटिव थे, लेकिन रोम लैब में ये चारों नेगेटिव पाए गए।
हालांकि सूत्र बताते हैं कि ये चारों खिलाड़ी कोई नामी नहीं है। इनमें दो एथलेटिक्स (डिस्कस थ्रोअर, डिकेथलन), एक फेंसर और एक साइकिलिस्ट है। एनडीटीएल वाडा की भेजी रिपोर्ट नाडा को दे दी है। नाडा इन चारों से प्रतिबंध हटाने जा रहा है। हालांकि एनडीटीएल इन टेस्टों की प्रक्रिया को सही साबित करने को कोई कसर नहीं छोड़ेगा।
वाडा ने संकेत दिए हैं कि आईआरएमएस ठीक किए बिना उनकी ओर से एनडीटीएल का दौरा नहीं किया जाएगा, लेकिन एनडीटीएल में अब तक आईआरएमस को सुधारा नहीं जा सका है। इस बीच खेल मंत्री किरन रिजीजू ने भी वाडा को पत्र लिखकर आईआरएमएस को छोड़ लैब पर लगे रप्रितबंध को हटाने की गुहार लगाई, लेकिन वाडा इस पर नहीं मानी। वहीं खेल मंत्रालय ने लैब का आईएसओ प्रमाण पत्र हासिल करने की प्रक्रिया सोमवार को शुरू कर दी। जर्मनी से दो वैज्ञानिकों को इसके लिए बुलाया गया है।