रियो ओलंपिक के लिए लंबे जद्दोजहद के बाद हिस्सा लेने का मौका पाने वाले नरसिंह यादव डोप टेस्ट में फेल हो गए हैं। अब उनके रियो जाने पर संकट के बादल मंडराने लगे हैं। इससे भारतीय कुश्ती को एक बड़ा झटका लगा है। अब उनके रियो जाने पर फिलहाल के लिए रोक लगा दी गई है।
ऐसा नहीं है कि नरसिंह पहली बार विवाद में आए हैं। इससे पहले भी वह कई बार विवाद में आ चुके हैं। जानते हैं 6 अगस्त को अपना 27वां जन्मदिन मनाने वाले इस पहलवान के करियर की 7 खास बातें।
पहला, पहलवान नरसिंह पंचम यादव ने 74 किलोग्राम फ्रीस्टाइल वर्ग में पिछले साल विश्व कुश्ती चैंपियनशिप प्रतियोगिता में कांस्य पदक जीता था और इसी पदक के दम पर उन्होंने अगले महीने अगस्त में होने वाले रियो ओलंपिक के लिए भी टिकट कटाया था। अमेरिका के लास वेगास में हुए मुकाबले में उन्होंने फ्रांस के जेलिमखान खदजीएव को हराकर पदक पर कब्जा जमाया था।
दूसरा, रियो ओलंपिक में 74 किलो भार वर्ग में भाग लेने को लेकर में नरसिंह ने बीजिंग ओलंपिक के कांस्य और लंदन ओलंपिक के रजत पदक विजेता सुशील कुमार से जमकर कानूनी लड़ाई लड़ी। नरसिंह ने दावा किया कि पिछले साल विश्व कुश्ती चैंपियनशिप में कांस्य पदक जीता और इसी के साथ उन्होंने रियो का टिकट भी हासिल कर लिया था तो वहीं सुशील का कहना था कि रियो के लिए उनके और नरसिंह के बीच ट्रायल होना चाहिए। लेकिन कोर्ट ने लंबे विवाद के बाद नरसिंह के जाने पर मुहर लगा दी।
वाराणसी में खेती करती हैं नरसिंह की मां
नरसिंह यादव
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तीसरा, नरसिंह यादव पिछले साल विश्व चैंपियनशिप में कांस्य पदक जीतने के अलावा 2010 राष्ट्रमंडल खेलों में स्वर्ण पदक जीत चुके है। इसके अलावा वह साल 2014 के इंचियोन एशियाई खेलों में 74 किलो भार वर्ग में कांस्य पदक जीत चुके हैं।
चौथा, खेल से ज्यादा नरसिंह का नाता विवादों से रहा है। जुलाई 2014 में वह महाराष्ट्र के नासिक में स्टेट पुलिस अकादमी में डिप्टी एसपी की इंटरनल परीक्षा में नकल करते हुए पकड़े गए थे। हालांकि बाद में वह नकल के आरोप से बरी कर दिए गए। जांच के दौरान उन्होंने स्वीकार किया था कि साथ में परीक्षा दे रहे परीक्षार्थी से नकल कराने को कहा था, उनका दावा था कि पढ़ाई-लिखाई में वह अच्छे कभी नहीं थे।
पांचवां, पहलवान नरसिंह वाराणसी से ताल्लुक रखते हैं। उनके पिता पंचम दूध विक्रेता हैं और अपने दोनों बेटों (नरसिंह और विनोद) के साथ मुंबई में रहते हैं और दूध का बिजनेस करते हैं, जबकि उनकी मां वाराणसी के नीमा गांव में रहती हैं और 2 बीघा खेत पर काम कराती हैं।
पिछले साल रेसलिंग लीग में 34 लाख में बिके थे नरसिंह
नरसिंह यादव
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छठा, एक बार विवादों में घिर चुके नरसिंह यादव ने 13 साल की उम्र में कुश्ती के दांव-पेंच सीखने शुरू कर दिए थे और इस समय वह मुंबई के उपनगर जोगेश्वरी में रहते हैं। फिलहाल वह महाराष्ट्र सरकार में डिप्टी एसपी पद पर कार्यरत हैं। उनके भाई विनोद भी पहलवान हैं।
सातवां, पहलवान नरसिंह यादव को दिल्ली में हुए पहली प्रो रेसलिंग लीग की नीलामी में बंगलुरू फ्रेंचाइजी ने 34.5 लाख रुपए में खरीदा था। यह लीग पिछले साल दिसंबर में खेली गई थी।