कुछ दिन पहले तक रियो के लिए कोर्ट में संघर्ष करने वाले पहलवान सुशील कुमार अब लड़ाई के मूड में नहीं हैं और अपने प्रतिद्दंद्वी नरसिंह यादव को पूरा समर्थन करने की बात कही है।
ओलंपिक खेलों में देश के 2 पदक जीतने वाले पहलवान सुशील कुमार का लगातार तीसरे ओलंपिक में पदक जीतने का सपना कोर्ट के उनके रियो जाने पर पाबंदी लगाए जाने से टूट गया है। हालांकि उन्होंने कहा है कि खेलों के इस महाकुंभ में वह नरसिंह यादव का समर्थन करेंगे।
दिल्ली हाईकोर्ट ने 6 मई को सुशील की ओर से दाखिल यह याचिका पर सुनवाई करने से इनकार कर दिया जिसमें उन्होंने 74 किलो भार वर्ग में ओलंपिक के लिए फिर से ट्रायल कराने का अनुरोध किया था।
सुशील ने ईएसपीएन इंडिया से कहा, "नरसिंह तो पाकिस्तान का नहीं है, सपोर्ट क्यों नहीं करेंगे। अभी अभ्यास पर मेरा एकमात्र फोकस है और मैं इसी में व्यस्त हूं।"
पिछले साल अमेरिका के लॉस वेगास में हुए वर्ल्ड चैंपियनशिप में नरसिंह ने कांस्य पदक जीतकर ओलंपिक का कोटा हासिल किया था। दूसरी ओर, सुशील जिन्होंने पिछले दोनों ओलंपिक गेम्स (बीजिंग और लंदन) में 66 किग्रा भार वर्ग में क्रमशः कांस्य (2008) और रजत पदक (2012) जीता था, इस बार 74 भार वर्ग में आ गए हैं।
वह कंधे में चोट के कारण वर्ल्ड चैंपियनशिप में हिस्सा नहीं ले सके जिसमें उन्हें ओलंपिक कोटा हासिल करने का मौका था।