पहलवान नरसिंह यादव के दूसरे डोप टेस्ट में भी पॉजिटिव पाए जाने पर नेशनल एंटी डोपिंग एजेंसी (नाडा) पैनल ने बुधवार रात तक सुनवाई के बाद कहा कि इस मामले में फैसला बृहस्पतिवार को सुनाया जाएगा।
नरसिंह यादव को दूसरे टेस्ट में उन्हें प्रतिबंधित शक्तिवर्धक दवाओं के इस्तेमाल का दोषी पाया गया है। जब नरसिंह के मामले की सुनवाई नाडा पैनल के सामने चल रही थी तब करीब ढाई सौ समर्थक उनके पक्ष में नारे लगाते दिए गए।
नरसिंह के रियो ओलंपिक में शिरकत करने या नहीं करने और उनकी जगह प्रवीण राणा को भेजे जाने को लेकर अनिश्चितता एक दिन के लिए और बढ़ गई।
नरसिंह का पहला डोप टेस्ट 25 जून को और दूसरा 5 जुलाई को हुआ था। इसमें कोई अंतर नहीं आने वाला था क्योंकि इस प्रतिबंधित दवा का असर इसका इस्तेमाल करने वाले के खून में दो से चार हफ्ते तक से ज्यादा तक रहता है।
नरसिंह ने मिलावट करने वाले के खिलाफ कराया FIR
नरसिंह यादव
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रियो ओलंपिक में 74 किलोग्राम फ्रीस्टाइल में भारत की सबसे बड़ी उम्मीद नरसिंह यादव ने बुधवार को राई पुलिस स्टेशन में तहरीर दी थी कि 5 जून को मेस में खाना बनाने के वक्त उनके खाने में मिलावट की कोशिश की गई थी। उनके मुताबिक यह कोशिश उनके दो साथी पहलवानों ने की थी।
नरसिंह ने कहा, "मेरे खिलाफ साजिश रची गई। मैंने उन लोगों की पहचान कर ली है जिन्होंने मेरे खाने में मिलावट की थी। मुझे लगता है इस पूरी साजिश में अधिकारी भी शामिल हैं, क्योंकि अभीतक सीसीटीवी फुटेज भी मुहैया नहीं कराई गई है।"
भारतीय कुश्ती संघ ने डोप प्रकरण में फंसे नरसिंह के विकल्प के तौर पर रियो ओलंपिक में 74 किलोग्राम फ्रीस्टाइल स्पर्धा में प्रवीण राणा का नाम तय किया है। भारतीय कुश्ती संघ के मुताबिक यदि नरसिंह यादव को क्लीन चिट नहीं मिलती है तो तब उनकी प्रवीण राणा ओलंपिक में भारत की नुमाइंदगी करेंगे।
इस मामले में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने ट्वीट कर कहा है कि वो उम्मीद करते हैं कि नरसिंह के साथ कोई नाइंसाफी नहीं होगी
I hope there will be no injustice with Narsingh Yadav.— Akhilesh Yadav (@yadavakhilesh) 28 July 2016
कुछ भी हो सुशील नहीं जा सकेंगे रियो
सुशील कुमार
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भारतीय कुश्ती संघ के अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह ने कहा, "राणा का नाम 25 जुलाई की समय सीमा के भीतर ही बतौर विकल्प भेज दिया गया था। हम हालांकि अभी भी उम्मीद करते हैं नरसिंह बेकसूर साबित होकर ओलंपिक के लिए रियो जाएंगे।"
डोप टेस्ट में नाकाम रहने के बाद नरसिंह अस्थायी तौर पर निलंबित हैं। नरसिंह ने पिछले साल विश्व कुश्ती चैंपियनशिप में कांसा जीत कर रियो ओलंपिक में इस वजन वर्ग के लिए कोटा हासिल किया था।
भारतीय कुश्ती संघ ने प्रवीण राणा और जितेंदर के बतौर स्टैंडबाय रखा था। इसका मतलब यह है कि इस पूरे विवाद के बाद भी सुशील कुमार के रियो ओलंपिक में जाने की कोई उम्मीद नहीं बचती है।