सैखोम मीराबाई चानू ने वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाते हुए स्नैच में कुल 194 किग्रा - 85 किग्रा और क्लीन एंड जर्क में 109 किग्रा वजन उठाकर वर्ल्ड वेटलिफ्टिंग चैंपियनशिप्स में भारत के लिए अमेरिका में 22 साल बाद गोल्ड मेडल जीतकर जब अपने घर मणिपुर पहुंची तो उनका जोरदार स्वागत हुआ।
चानू मणिपुर के नोंगपोक कक्चिंग गांव की रहने वाली हैं और जब शनिवार को वो अपने गांव पहुंची तो गांववालों ने उनका बड़े धूमधाम से स्वागत किया। स्वागत के दौरान कई साथी खिलाड़ियों ने उनसे बड़ी दिलचस्प बात पूछी- 'अब तो तू अर्जुन अवार्डी हो जाएगी।'
चानू के स्वागत में खड़ी उनकी टीम की सदस्य संजीता चानू ने कहा कि उसने और मीरा ने ग्लासगो कॉमनवेल्थ गेम्स में मेडल जीता था और उम्मीद थी कि उन्हें अर्जुन अवार्ड से नवाजा जाएगा, लेकिन इस अवार्ड के लिए आवेदन करने के बावजूद उन्हें यह सम्मान नहीं मिला।
इसके बाद मीरा ने 2016 रियो ओलंपिक तक इंतजार करने को कहा था और इस अवार्ड को पाने के लिए कड़ी मेहनत की। लेकिन रियो में उसका प्रदर्शन उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा था और उसने अर्जुन अवार्ड के लिए अप्लाई नहीं किया।
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इसके बाद मीरा ने खुद से वादा किया था कि वो इस अवार्ड के लिए तब तक अप्लाई नहीं करेगी जब तक वर्ल्ड चैंपियनशिप्स में उसके हाथ में गोल्ड मेडल नहीं होगा। इसके लिए उसने खूब मेहनत की। वो बीते एक साल से अपने परिवार, दोस्त, मोबाइल यहां तक की चॉकलेट तक से दूर रही। इसी का नतीजा है कि आज उसने अपना वादा पूरा करने सफलता पाई।
मीरा ने कहा कि अब मैं अर्जुन अवार्ड के लिए अप्लाई करूंगी और मुझे नहीं लगता कि मंत्रालय अब किसी कारण से मुझे इस अवार्ड से नवाजने से मना करेगा। जब मुझे ग्लासगो कॉमनवेल्थ में सिल्वर मेडल जीतने के बाद इस अवार्ड से नवाजा नहीं गया था तो मुझे बहुत बुरा लगा था। लेकिन मैंने उसे भूलाकर आगे फोकस किया और अब मुझे उम्मीद है कि अगले साल अर्जुन अवार्ड जरूर मिलेगा।