भारत के विंटर ओलंपियन शिवा केशवन ने शुक्रवार को जर्मनी के अल्टेनवर्ग में आयोजित एशियन ल्यूज चैंपियनशिप में गोल्ड मेडल जीतकर देश का नाम रौशन किया है। गोल्ड जीतने के बाद शिवा ने कहा, 'मैं अपने आप को बहुत ही गौरवान्वित महसूस कर रहा हूं कि भारत के लिए चौथी बार गोल्ड मेडल जीता। यह ट्रैक बहुत ही कठिन है। इसलिए यह कई लेवल पर चैलेंजिंग था। मैं सारे स्पॉन्सर को छन्यवाद देना चाहुंगा, जिन्होंने मुझे इतना सपोर्ट किया।'
गौरतलब है कि मनाली के रहने वाले शिवा केशवन छठी बार शीतकालीन ओलंपिक खेलों में शामिल हुए। हालांकि ल्यूज गेम में एशियन चैंपियन रह चुके खिलाड़ी शिवा पांच बार ओलंपिक खेल चुके हैं। वह छठी बार भारत का प्रतिनिधित्व किया है। शिवा ने 55.60 सेकेण्ड तक अपने ताज को बरकरार रखा। वहीं, तैवान के लेन ते-अन (56.12 सेकेण्ड) में सिल्वर और कोरिया के किम डांग क्यू (56.50 सेकेण्ड) में ब्रॉन्ज के साथ बरकरार रहा।
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बता दें कि शिवा 16 साल की उम्र से ही ल्यूज खेल में अपनी प्रतिभा से एशिया में ल्यूज रफ्तार को लेकर अपनी अलग पहचान बनाए हुए हैं। शिवा के छठी बार ओलंपिक में गोल्ड जीतने से पूरे मनाली में खुशी का माहौल है। मालूम हो कि शिवा ने पिछले साल दिसंबर में जापान के नगाओ में एशियाई ल्यूज चैंपियनशिप में अपना दबदबा बनाए रखा और 130 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से पहले स्थान हासिल किया था। इसके साथ ही शिवा आस्ट्रिया के इंसब्रुक में हुई विश्व चैंपियनशिप और विश्व सर्किट स्पर्धाओं में हिस्सा लिया था और बेहतर प्रदर्शन करते हुए 2018 में कोरिया में होने वाली शीतकालीन ओलंपिक में जगह बनाई थी।
बता दें कि ल्यूज क्या है?
ल्यूज एक लकड़ी से बनी पट्टी के आकार की स्की होती है, जिस पर बैठकर बर्फ की परत पर फिसला जाता है। इसी से इसे ल्यूज खेल कहा जाता है। पांच साल पहले मनाली के शिवा केशवन ने एशियन गेम्स में स्वर्ण हासिल कर घाटी के युवाओं का ध्यान इस खेल की ओर आकर्षित किया है। मनाली में इस खेल की लोकप्रियता बढ़ी है।