पिछली विश्व चैंपियनशिप में थाईलैंड की चायुत्रा प्रमोंगखोल ने महिला 49 किग्रा वर्ग में 209 किग्रा (89 और 120) वजन उठाकर स्वर्ण पदक जीता था लेकिन फिलहाल डोप प्रकरण में फंसी हुई हैं। इसलिए मीराबाई को चीन की मौजूदा विश्व रिकार्ड धारक हाउ झिझुई और कांस्य पदक जीतने वाली उनकी हमवतन जियांग हुइहुआ से कड़ी टक्कर मिलने की उम्मीद है।
महिला वर्ग में झिली दलबेहरा (45 किग्रा), स्नेहा सोरेन (55 किग्रा)और राखी हलधर (64 किग्रा) भी भारत का प्रतिनिधित्व करेंगी।
पुरुष भारोत्तोलकों में नजरें युवा ओलंपिक खेलों के स्वर्ण पदक विजेता जेरेमी लालरिननुंगा पर टिकी होंगी। मिजोरम के 16 साल के जेरेमी ने एशियाई चैंपियनशिप में 297 किग्रा (134 और 163) के प्रयास के साथ युवा विश्व और एशियाई रिकार्ड बनाया था।
विश्व चैंपियनशिप में हालांकि उनके पदक जीतने की संभावना बेहद कम है। उन्होंने अपने लिए शुरुआती वजन 305 किग्रा रखा है जिसके कारण उन्हें बी श्रेणी में जगह मिली है। पिछली विश्व चैंपियनशिप में भारोत्तोलकों ने 332, 323 और 322 किग्रा वजन उठाकर क्रमश: स्वर्ण, रजत और कांस्य पदक जीते थे।
पुरुष वर्ग में इसके अलावा राष्ट्रमंडल चैंपियनशिप के स्वर्ण पदक विजेता अजय सिंह (81 किग्रा) और राष्ट्रीय चैंपियन अचिंता श्युली (73 किग्रा) भी चुनौती पेश करेंगे।
टोक्यो ओलंपिक के लिए होने वाले तीन क्वालीफाइंग प्रतियोगिताओं में से एक इस टूर्नामेंट में खिलाड़ी अपने प्रदर्शन से अपनी दावेदारी मजबूत करना चाहेंगे।
पुरुष: जेरेमी लालरिननुंगा (67 किग्रा), अचिंता श्युली (73 किग्रा) और अजय सिंह (81 किग्रा)।
महिला: मीराबाई चानू (49 किग्रा), झिली दलबेहरा (45 किग्रा), स्नेहा सोरेन (55 किग्रा)और राखी हलधर (64 किग्रा)।