अपने पुराने भार वर्ग 51 किलो ग्राम में वापसी कर रहीं छह बार की विश्व विजेता एमसी मैरीकॉम ने एशियाई चैंपियनशिप में नहीं खेलने का फैसला लिया है। मैरीकॉम ने 51 किलो में टोकियो ओलंपिक के लिए क्वालिफाई करने को यह फैसला लिया है। बैंकाक में अगले माह होने वाली इस चैंपियनशिप के लिए 14 और 15 मार्च को दिल्ली के इंदिरा गांधी स्टेडियम में होने वाले ट्रायल में मैरी नहीं खेलेंगी।
51 किलो भार में जर्मनी में हुए राउंड रोबिन टूर्नामेंट में उक्रेन, जर्मनी और नार्वे की बॉक्सर को आसानी से हराने वाली मैरी अब मई माह में गुवहाटी में होने वाले इंडिया ओपन में खेलेंगी। बॉक्सिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया के कार्यकारी निदेशक आरके सचेती का कहना है कि मैरी को छोड़ एशियाई चैंपियनशिप में सभी मुख्य बॉक्सरों को उतारा जाएगा।
मैरी के कोच छोटे लाल यादव खुलासा करते हैं कि उनके लिए सबसे महत्वपूर्ण 51 किलो में ओलंपिक के लिए क्वालिफाई करना है। यह क्वालिफिकेशन इस साल रूस में होने वाली वर्ल्ड चैंपियनशिप के जरिए होगा। मैरी अपने को 51 किलो में और मजबूत बनाने के लिए कई तरह की तकनीकि और सामथ्रय बढ़ाने पर कार्य कर रही हैं। वह वर्ल्ड चैंपियनशिप से पहले कुछ टूर्नामेंट खेलेंगी।
मैरी का प्रदर्शन जर्मनी में बेहद अच्छा रहा है, लेकिन वह एशियाई चैंपियनशिप में खेलकर किसी तरह का जोखिम नहीं लेना चाहती हैं।
एशियाई चैंपियनशिप के बाद बॉक्सरों के नए भार पर फैसला
आरके सचेती ने खुलासा किया है कि पुरुष बॉक्सरों के नए भार वर्ग पर एशियाई चैंपियनशिप केबाद फैसला होगा। आईबा ने ओलंपिक के लिए पुरुषों के आठ और महिला के पांच भार वर्गों पर फैसला लिया है। जिसके चलते जकार्ता एशियाई खेलों के स्वर्ण पदक विजेता अमित पंघाल, शिवा थापा और मनीष कौशिक जैसे बॉक्सरों को ओलंपिक क्वालिफाई केलिए अपना भार वर्ग बदलना पड़ेगा।