विश्व चैंपियनशिप के लिए चुनी गई 10 सदस्यीय टीम में मेरी कॉम को बिना ट्रायल के शामिल किया गया। इसके बाद निकहत जरीन 51 किग्रा में ट्रायल नहीं कराने से खफा थीं। भारतीय मुक्केबाजी महासंघ (BFI) ने मेरी कॉम के प्रदर्शन और पदक की दावेदारी को देखते हुए टीम में शामिल करने का फैसला किया।
टीम चयन के लिए ट्रायल हटाने के बारे में पूछने पर मैरी कॉम ने कहा, 'यह मेरे हाथ में नहीं है। बीएफआई सबकुछ देखता है। सरकार सबकुछ देख रही है, जो अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं, उन्हें सीधे ही किसी भी टूर्नमेंट के लिए कोटा मिल जाना चाहिए। अन्य खेलों में भी देखो, जैसे बैडमिंटन। उसमें कौन ट्रायल देता है। किसने ट्रायल दिया, साइना नेहवाल या पीवी सिंधु ने ट्रायल दिया। लेकिन हमारे खेल में ट्रायल-ट्रायल। कभी कभार, अजीब सा भी लगता है। मैंने स्पष्ट रूप से बताया कि कौन बेहतर कर रहा है, कौन नहीं। आप फैसला करो, मैं निर्णय नहीं करूंगी। मंत्रालय फैसला करेगा।'
मैरी कॉम ने कहा, 'ट्रायल नहीं कराने के बारे में बीएफआई से पूछो। मैं यह फैसला अकेली नहीं ले सकती हूं ट्रायल देना या नहीं देना, सब बीएफआई के हाथ में है।' विश्व चैंपियनशिप की तैयारियों के बारे में उन्होंने कहा, 'तैयारी अच्छी चल रही है। मैं अपना सर्वश्रेष्ठ करूंगी। अगले साल जनवरी से क्वॉलिफिकेशन शुरू हो जाएंगे। आसान या कठिन होगा, मैं कुछ नहीं बोल सकती हूं। मुक्केबाजी लगातार प्रगति के पथ पर है। हम लोग योजना बना रहे हैं। मैं पूरी कोशिश कर रही हूं।'