जितेंदर ने मुकाबले के बाद कहा, 'सभी ने देखा कि उसने (सुशील ने) किस तरह से लड़ा। मैं कुश्ती लड़ रहा था और वह। मुझे आंख में चोट लगने के बाद दिखना मुश्किल हो गया था । वह अनावश्यक ब्रेक भी ले रहा था।' उन्होंने कहा, ' एक या दो दिन में मैं फिट हो जाऊंगा। मैं 79 किलोवर्ग में टीम में जगह बनाने की कोशिश करूंगा।'
जितेंदर के कोच जयवीर ने भी सुशील पर ईमानदारी से मुकाबला नहीं लड़ने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, ' उसने जान बूझकर ऐसा किया। वह लगातार ऐसा करता आ रहा है। उसने 2012 ओलंपिक में भी यही किया था। रैफरी भी उसके साथ थे। वे नहीं चाहते थे कि सुशील के खिलाफ कोई और जीते।'
सुशील ने इन आरोपों का खंडन करते हुए कहा, 'मैने जान बूझकर नहीं किया। वह मेरे छोटे भाई जैसा है। यह अच्छा मुकाबला था और ऐसे मुकाबले होते रहने चाहिए।'
भारतीय कुश्ती महासंघ के प्रमुख बृजभूषण शरण सिंह ने भी सुशील का समर्थन किया। उन्होंने कहा, 'मुकाबले में कोई खराबी नहीं थी । जब विनेश फोगाट का घुटना टूटा तो क्या उसकी प्रतिद्वंद्वी का रवैया बेकार था। कुश्ती में ऐसा होता है। कोई भी पहलवान हाथ बांधकर मैट पर नहीं उतरता।' राहुल अवारे (61 किलो), करण (70किलो), प्रवीण (92 किलो) और वीरदेव गूलिया(79 किलो) ने गैर ओलंपिक वर्ग में ट्रायल जीते।