टोक्यो जाने के लिए भारतीय खिलाडिय़ों को सात दिन लगातार आरटीपीसीआर टेस्ट और तीन दिन के कड़े एकांतवास में की पाबंदियों में बांधने का मामला अंतराष्ट्रीय ओलंपिक परिषद (आईओसी) तक पहुंच गया है।
भारतीय ओलंपिक संघ ने इस मुद्दे पर आयोजन समिति को भेजे गए अपने पत्र को आईओसी के निदेशन एनओसी रिलेशंस जेम्स मैक्लियोड को भी भेजा है। दरअसल आयोजन समिति की ओर से देश में निर्धारित लैब ने आईओए की मुश्किलों को और बढ़ा दिया है।
दिल्ली स्थित लैब ने आईओए से कहा है कि वह पीसीआर रिपोर्ट की सॉफ्ट प्रति ईमेल के जरिए 24 घंटे में और हार्ड प्रति 30 घंटे में उपलब्ध करा पाएगी। ऐसे में सात दिन की लगातार निगेटिव रिपोर्ट लेकर टोक्यो पहुंचना संभव नहीं हो सकेगा।
आईओए अध्यध नरेंदर बत्रा ने आयोजन समिति से पूछा है कि विदेश से टोक्यो पहुंचने वाले भारतीय खिलाडिय़ों पर भी ये शर्तें लागू रहेंगी या फिर उन्हें छूट मिलेगी। उन्होंने आयोजन समिति को बताया है कि इस समय बड़ी संख्या में भारतीय खिलाड़ी पाबंदी वाले 11 देशों से बाहर तैयारियां कर रहे हैं।
बत्रा ने आयोजन समिति से आरटीपीसीआर टेस्ट के लिए देश में लैबों की संख्या बढ़ाने को कहा है। उन्होंने कहा कि उनकी ओर से निर्धारित लैब तैयारी स्थलों से चार सौ किलोमीटर दूर स्थित हैं। बत्रा ने समिति को लैबों की सूची भी भेजी है।
बत्रा ने लिखा है कि जिस से लैब ने रिपोर्ट 24 घंटे बाद देने को कहा है। उससे भारतीय खिलाड़ी पांच दिन की निगेटिव रिपोर्ट लेकर टोक्यो पहुंच सकते हैं। या फिर वे नौ दिन पहले से टेस्ट कराना शुरू करें तब सात दिन की निगेटिव रिपोर्ट मिल पाएगी।