एशियन बॉक्सिंग चैंपियनशिप में पांचवां गोल्ड मेडल जीतकर मैरी कॉम गुरुवार को स्वदेश वापस लौट आईं। उन्होंने संवाददाताओं से अपनी फिटनेस और बॉक्सिंग प्रतिभा पर बातचीत की।
मैरी कॉम ने कहा कि फिटनेस ठीक होने के साथ गहन प्रशिक्षण मिलने पर वह किसी को भी हरा सकती हैं। मैरी कॉम ने कहा कि वह अब कॉमनवेल्थ गेम्स 2018 पर फोकस कर रही हैं। वह इस टूर्नामेंट में गोल्ड मेडल जीतना चाहती हैं।
मैरी कॉम ने कहा कि उन्होंने अभी तक टोक्यो 2020 ओलंपिक के बारे में नहीं सोचा है। मैरी कॉम ने कहा कि ओलंपिक में गोल्ड मेडल जीतना आसान है। जबकि ओलंपिक इवेंट के लिए क्वालीफाई करना काफी कठिन होता है। ओलंपिक में प्रवेश करने के लिए आपको काफी सारे खिलाड़ियों को टक्कर देनी पड़ती है। उन्होंने कहा कि वह जब बॉक्सिंग से दूर थीं तब भी कम से कम 45 मिनट बॉक्सिंग का अभ्यास करती थीं।
बॉक्सिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया के प्रेसीडेंट अजय सिंह ने कहा कि आज युवा महिलाएं बॉक्सिंग की तरफ आ रही हैं। ऐसा इसलिए है क्यों कि वह मैरी कॉम बनना चाहती हैं।