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Norway Chess: 'मुझे हराने वाला कोई नहीं...', कार्लसन ने दिया था यह बयान, अब गुकेश से हारे तो निकल गई हेकड़ी

Tue, 03 Jun 2025 08:45 AM IST
स्वप्निल शशांक स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, स्टावेंजर (नॉर्वे)

सार

गुकेश की जीत इसलिए भी अहम है कि उनके वर्ल्ड चैंपियन बनने के बाद कार्लसन ने कहा था- मैं वर्ल्ड चैंपियनशिप में नहीं खेलता। वहां मुझे हराने वाला कोई नहीं है। अब गुकेश से हारने के बाद कार्लसन की सारी हेकड़ी निकल गई है।
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कार्लसन और गुकेश - फोटो : Twitter
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विस्तार
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विश्व चैंपियन डी गुकेश ने क्लासिकल प्रारूप में पहली बार शतरंज की दुनिया के नंबर एक खिलाड़ी नॉर्वे के मैग्नस कार्लसन को हरा दिया। छठे राउंड में हार के बाद कार्लसन इतने निराश हो गए कि आपा खो बैठे। गुस्से में टेबल पर जोर से हाथ पटका, जिससे बोर्ड पर लगे मोहरे बिखर गए। हालांकि उन्होंने इस पर नियंत्रण कर मोहरे वापस लगाए और गुकेश की पीठ पर हाथ रखकर उन्हें बधाई दी। टूर्नामेंट के पहले राउंड में कार्लसन ने गुकेश को हरा दिया था।
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गुकेश की जीत इसलिए भी अहम है कि उनके वर्ल्ड चैंपियन बनने के बाद कार्लसन ने कहा था- मैं वर्ल्ड चैंपियनशिप में नहीं खेलता। वहां मुझे हराने वाला कोई नहीं है। अब गुकेश से हारने के बाद कार्लसन की सारी हेकड़ी निकल गई है। साथ ही यह महान गैरी कास्पारोव को भी जवाब है, जिन्होंने कहा था कि गुकेश भले ही विश्व चैंपियन हों, लेकिन कार्लसन उनसे बेहतर हैं। गुकेश ने कार्लसन को क्लासिकल चेस में हराकर कास्पारोव को गलत साबित किया।

गुकेश 8.5 अंकों के साथ संयुक्त रूप से तीसरे स्थान पर हैं। कार्लसन व कारुआना 9.5 अंक के साथ संयुक्त रूप से शीर्ष पर हैं। कार्लसन ने 39वीं चाल में ऐसी गलती की कि सफेद मोहरों से खेल रहे गुकेश मुकाबले में वापस आ गए। गुकेश ने जीत के बाद कहा, 'मैं भाग्यशाली हूं कि जीत गया। कार्लसन समय के दबाव में फंस गए। ऐसी स्थिति में, मैं 100 में से 99 मुकाबलों में हार जाता।'
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गुकेश ने कार्लसन को चौंकाया, लिया बदला
गुकेश ने कार्लसन को चौंकाते हुए क्लासिकल शतरंज में उन पर पहली जीत दर्ज की। सफेद मोहरों के साथ खेल रहे कार्लसन ने अधिकांश समय मैच में इसका फायदा उठाया और लगातार दबाव बनाया, लेकिन गुकेश ने जरूरत पड़ने पर सावधानी पूर्वक खेल खेला और फिर कार्लसन पर अटैक किया। जैसे जैसे कार्लसन पर समय से चाल चलने का दबाव बढ़ता गया, कार्लसन ने गलतियां कीं और इसने गुकेश को वापसी का मौका दिया।

गुकेश ने बिना किसी हिचकिचाहट के अपने सारी स्किल को मैच में झोंक दिया और जीत दर्ज की। मैच के बाद गुकेश ने कहा- मैं बहुत कुछ नहीं कर सकता था। मुझे बस इसका अधिकतम लाभ उठाना था। मैं ऐसे कदम उठा रहा था जो कार्लसन के लिए मुश्किल थे और सौभाग्य से चालें सही साबित हुईं। इस टूर्नामेंट से मैंने एक बात सीखी है कि समय से चाल चलने का दबाव आपको गलती करने पर मजबूर कर सकता है। दोनों के बीच टूर्नामेंट के पहले दौर में भिड़ंत हुई थी, जहां कार्लसन ने अपने ट्रेडमार्क चालों से जीत हासिल की थी। इस बार, हालांकि, गुकेश ने बाजी मारी और पिछली हार का बदला ले लिया। 
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