भारत के नौजवान गोल्फर आदिल बेदी और हरिमोहन सिंह 31 अगस्त से बेंगलुरू में होने वाले पहली लुइस फिलिप कप 2018 गोल्फ चैंपियनशिप को 18 अगस्त से जकार्ता में होने वाले एशियाई खेलों के लिए आदर्श तैयारी बताते हैं। आदिल और हरिमोहन सिंह जकार्ता एशियाई खेलों में सात सदस्यीय भारतीय टीम का गोल्फ में टीम और व्यक्तित्व स्पर्धा में अहम हिस्सा होंगे।
1986 के सोल एशियाई खेलों और 1988 के सोल ओलंपिक में भारतीय हॉकी टीम की रक्षापंक्ति की अहम कड़ी रहे मोहिंदर पाल सिंह के बेटे हरिमोहन सिंह। पिता मोहिंदर पाल ने भारत को एशियाई खेलो में पदक दिलाया था और अब उनका बेटा हरिमोहन में गोल्फ में एशियाई खेलों का पदक जीतने की तमन्ना रखता है।
इंडियन गोल्फ ऑर्डर ऑफ मेरिट में चौथे स्थान पर काबिज नोएडा के 24 वर्षीय हरिमोहन ने कहा, 'लुइस फिलिप कप गोल्फ मेरे लिए एशियाई खेलों से पहले खुद के कौशल को आंकने का सबसे बढिय़ा मंच है। इसमें एशिया के कई मजबूत गोल्फर शिरकत करेंगे और मेरे लिए यह रोचक टूर्नामेंट रहेगा। मैं बेंगलुरू के प्रेस्टिज गोल्फशर गोल्फ कोर्स में खेल चुका हूं। एशियाई खेलों से पहले हमें फिलिप कप में शिरकत करने का बहुत लाभ मिलेगा। इससे हमें जकार्ता एशियाई खेलों में पदक ही नहीं बल्कि स्वर्ण पदक जीतने की हसरत को पूरा करने में मदद मिल सकती है।'
आदिल बेदी सबसे कम 17 वर्ष बरस की उम्र में भारत की जकार्ता एशियाई खेलों में गोल्फ में नुमाइंदगी करने जा रहे हैं। चंडीगढ़ के आदिल बेदी के लिए लुइस फिलिप कप मात्र तीसरा प्रो गोल्फ टूर्नामेंट होगा। आदिल ने कहा, ' इसमें वैसा ही दबाव होगा जैसा कि एशियाई खेलों में होगा। इसमें भी एशियाई खेलों की तरह हर शॉट अहम होगा। हम यह साबित करने की कोशिश करेंगे हम एशियाई खेलों में पदक जीतने का दम रखते है। बेंगलुरू का प्रेसटिज गोल्फशर क्लब का गोल्फ कोर्स जकार्ता के जकार्ता पेंडोक इंदा गोल्फ कोर्स की तरह ही है।