पूर्व राष्ट्रीय चैम्पियन और 2014 राष्ट्रमंडल खेलों की रजत पदकधारी सरिता एशियाई क्षेत्र से अभी तक एकमात्र दावेदार हैं। उनके निर्विरोध चुने जाने की उम्मीद है क्योंकि आयोग प्रत्येक पांच क्षेत्रीय परिसंघों में प्रत्येक से एक पुरूष और एक महिला मुक्केबाज का चयन करेगा। नामांकन भरने की अंतिम तारीख पांच जून थी जबकि इस महीने के शुरू में उम्मीदवारों की सूची को अंतिम रूप दिया गया था। एथलीट आयोग उन सुधारों का हिस्सा हैं जिनकी अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति ने एआईबीए के लिये सिफारिश की थी।
आईओसी ने एआईबीए को 2020 तोक्यो ओलंपिक के लिए क्वालीफायर आयोजित करने से रोक दिया है। एआईबीए में प्रशासनिक और वित्तीय अनियमितताओं के आरोपों के कारण यह फैसला लिया गया।सरिता ने कहा, 'मैं अब भी सक्रिय खिलाड़ी हूं और जल्द ही संन्यास लेने की भी कोई योजना नहीं है। मैं समझती हूं कि कई भूमिकाओं के लिये समय निकालना चुनौतीपूर्ण होगा लेकिन अगर मैं चुनी गयी तो मैं अपना सर्वश्रेष्ठ करने की कोशिश करूंगी।'