दूसरी तरफ जापान ने नया इतिहास रचा। कलाई की चोट के कारण पिछले साल अमेरिकी ओपन से बाहर रहे निशिकोरी से पहले महिला वर्ग में जापान की नाओमी ओसाका भी सेमीफाइनल में पहुंचने में सफल रही। यह पहला मौका है जब किसी एक ग्रैंडस्लैम के पुरुष और महिला एकल दोनों वर्गों के सेमीफाइनल में जापान के खिलाड़ी एक साथ पहुंचे हों।
निशिकोरी 2014 में दुनिया के तत्कालीन नंबर एक खिलाड़ी जोकोविच को सेमीफाइनल में हराकर किसी ग्रैंडस्लैम चैंपियनशिप के पुरुष एकल फाइनल में जगह बनाने वाले पहले एशियाई बने थे। मगर इसके बाद वह दोबारा कभी ग्रैंडस्लैम फाइनल में जगह नहीं बना पाए। उन्हें 2016 में यूएस ओपन के सेमीफाइनल में हार का सामना करना पड़ा था।
क्रोएशिया के सातवें वरीय सिलिच के खिलाफ निशिकोरी की यह नौवीं जीत है जबकि छह मैचों में उन्हें हार का सामना करना पड़ा है। निशिकोरी ने मैच के बाद कहा, ‘यह काफी कड़ा मुकाबला था, विशेषकर अंत में, मैं 3-2 से आगे था और वह वापसी करने में सफल रहा।’