आईओसी की तरफ से सोमवार को जारी बयान में कहा गया, "ओलंपिक आंदोलन खेल के माध्यम से शांति में योगदान देने और सभी राजनीतिक विवादों से परे शांतिपूर्ण प्रतिस्पर्धा में दुनिया को एकजुट करने के अपने मिशन में एकजुट है। ओलंपिक खेल, पैरालंपिक खेल, विश्व चैंपियनशिप और विश्व कप और कई अन्य खेल आयोजन उन देशों के एथलीटों को एकजुट करते हैं जो टकराव में हैं और कभी-कभी युद्ध भी करते हैं। साथ ही, ओलंपिक आंदोलन अपनी सरकार के निर्णयों के लिए एथलीटों (यदि वे सक्रिय रूप से सरकारी निर्णय में भाग नहीं ले रहे हैं) को दंडित नहीं करने के लिए निष्पक्षता की भावना में एकजुट है, हम बिना किसी भेदभाव के सबके लिए निष्पक्ष प्रतिस्पर्धा के लिए प्रतिबद्ध हैं।"
यूक्रेन में मौजूदा युद्ध ने हालांकि, ओलंपिक आंदोलन को दुविधा में डाल दिया है। एक तरफ जब रूस और बेलारूस के एथलीट खेल आयोजनों में भाग लेना जारी रख सकेंगे, तो वहीं यूक्रेन के कई एथलीट अपने देश पर हमले के कारण ऐसा करने से वंचित हो रहे हैं। यह एक ऐसी दुविधा है जिसे सुलझाया नहीं जा सकता। इसलिए आईओसी कार्यकारी बोर्ड ने आज सावधानीपूर्वक स्थिति पर विचार किया है और भारी मन से निम्नलिखित संकल्प जारी किया है...
- वैश्विक खेल प्रतियोगिताओं की अखंडता और सभी प्रतिभागियों की सुरक्षा के लिए, आईओसी कार्यकारी बोर्ड अनुशंसा करता है कि अंतरराष्ट्रीय खेल संघ और खेल आयोजक अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में रूसी और बेलारूसी एथलीटों और अधिकारियों की भागीदारी को आमंत्रित या अनुमति नहीं दें।
- जहां कहीं भी संगठनात्मक या कानूनी कारणों से शॉर्ट नोटिस पर यह संभव नहीं है, आईओसी कार्यकारी बोर्ड अंतरराष्ट्रीय खेल संघों और दुनियाभर के खेल आयोजकों से आग्रह करता है कि वह अपनी शक्ति का इस्तेमाल करते हुए यह सुनिश्चित करें कि रूस या बेलारूस के किसी भी एथलीट या खेल अधिकारी को रूस या बेलारूस के नाम से टूर्नामेंटों में भाग लेने की अनुमति नहीं दी जाए। इन देशों के एथलीटों को तटस्थ खिलाड़ी या टीम के रूप में किसी भी राष्ट्रीय प्रतीक, रंग, झंडे या गान के बगैर स्वीकार किया जाना चाहिए।
आईओसी टास्क फोर्स की सहायता से आईओसी कार्यकारी बोर्ड स्थिति की करीब से निगरानी करना जारी रखे हुए है। यह आगामी बदलावों के अनुसार अपनी सिफारिशों और कदमों में परिवर्तन कर सकता है। आईओसी अपने अध्यक्ष के आह्वान को फिर से दोहराता है "शांति को एक मौका दें।"