भारत 2022 में होने वाले राष्ट्रमंडल खेलों की मेजबानी करने के लिए तैयार है। भारतीय ओलंपिक एसोसिएशन (IOA) के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा है कि भारत, डरबन में होनेवाले राष्ट्रमंडल खेलों के विकल्प के बारे में सोच रहा है। गौरतलब है कि डरबन से 2022 के राष्ट्रमंडल खेलों की मेजबानी का अधिकार छीन लिया गया क्योंकि दक्षिण अफ्रीकी सरकार ने इसे लेकर वित्तीय गारंटी नहीं दी और साथ ही उन प्रतिबद्धताओं को पूरा नहीं किया गया, जो करीब दो साल पहले इस शहर को खेलों की मेजबानी हासिल करने पर दी गयी थीं।
आईओए के अधिकारी ने बताया कि डरबन से अधिकार छीन लिए जाने के बाद भारत सरकार भी मेजबानी के लिए समर्थन कर रही है। कॉमनवेल्थ गेम्स फेडरेशन (सीजीएफ) ने अब मेजबान शहर के लिए अपनी खोज शुरू कर दी है और बोली की पेशकश की गई है।
इंडियन एक्स्प्रेस से बातचीत में IOA के महासचिव राजीव मेहता ने कहा, "हम सीजीएफ से एक संवाद प्राप्त कर चुके हैं। हमारे (IOA) अध्यक्ष और सदस्य इस मुद्दे पर चर्चा कर रहे हैं। यदि सरकार का समर्थन है, तो हम खेलों के लिए बोली लगाने की संभावना पर विचार करेंगे"। गौरतलब है कि भारत ने 2010 में राष्ट्रमंडल खेलों की मेजबानी की थी।
मेहता ने बताया कि कुछ वर्षों में चीजें बदल गई हैं। उन्होंने कहा कि पिछले साल गुवाहाटी और शिलांग में शोरिंग बजट पर दक्षिण एशियाई खेलों का सफल आयोजन किया गया था। यह आयोजन सरकार के डायरेक्ट सुपरविजन के तहत आयोजित किया गया। इस आयोजन में वित्तीय नियंत्रण सरकार के पास था तो तकनीकी सहायता आईओए ने प्रदान की।
मेहता ने कहा कि हालांकि, अभी तक बोली जमा करने के लिए देशों के लिए कोई समय-सीमा निर्धारित नहीं की गई है। उन्होंने कहा कि वह आईओए के अध्यक्ष एन रामचंद्रन से मिलेंगे और आने वाले समय में इसका फैसला करेंगे। तीन साल पहले, आईओए ने 2019 में होनेवाले एशियाई खेलों की मेजबानी करने की इच्छा व्यक्त की थी। सरकार ने भी इस प्रस्ताव का समर्थन किया था, लेकिन बोली लगाने के लिए भारत समय सीमा को पूरा नहीं कर पाया था।