भारतीय ओलंपिक संघ (आईओए) ने कराटे एसोसिएशन ऑफ इंडिया से संविधान का उल्लंघन करने के चलते अपनी संबद्धता खत्म कर ली है। आईओए ने 30 दिसंबर को ही अपनी वार्षिक आम बैठक (एजीएम) के दौरान यह निर्णय ले लिया था, लेकिन आईओए ने इसको लेकर औपचारिक पत्र सोमवार को वर्ल्ड कराटे फेडरेशन (केएआई ) को भेजा।
पत्र के माध्यम में आईओए ने कहा, 'आईओए के एजीएम ने भारत में कराटे के शासन के मुद्दे पर विचार-विमर्श किया। आईओए ने 08/08/2017 को एसोसिएशन को संबद्धता प्रदान की थी, जो कार्यकारी परिषद / सामान्य निकाय के अनुसमर्थन के अधीन है। केएआई की संबद्धता का अनुसमर्थन लंबित रहा है क्योंकि पिछले दो वर्षों में उनके बारे में शिकायतों की संख्या बढ़ रही थी।'
वर्ल्ड कराचे फेडरेशन (डब्ल्यूकेएफ) के सीईओ सारा वोल्फ ने पत्र के जरिए कहा, 'एजीएम के दौरान, यह सहमति व्यक्त की गई कि किसी भी राष्ट्रीय महासंघ ने आईओए के संविधान और उसके दिशानिर्देशों का उल्लंघन करते हुए भारत में ओलंपिक आंदोलन का संरक्षण नहीं होना चाहिए। आईओए ने सर्वसम्मति से केएआई की संबद्धता को रद्द करने और इसके साथ किसी भी संघ को इसके साथ न बने रहने का फैसला किया।