गोल्ड कोस्ट राष्ट्रमंडल खेलों में कई तरह के विवादों के सामने आने के बाद इंडियन ओलंपिक एसोसिएशन के अध्यक्ष नरिंदर बत्रा ने टोकियो ओलंपिक, जकार्ता एशियाई खेलों और ब्यूनस आयर्स यूथ ओलंपिक की तैयारियों के लिए 36 सदस्यीय कमेटी का गठन किया है।
इस कमेटी की अगुवाई आईओए के पूर्व सेक्रेटरी जनरल ललित भनोट करेंगे। भनोट की निगरानी में इन खेलों की तैयारियों को अंतिम रूप दिया जाएगा। दिल्ली राष्ट्रमंडल खेल घोटाले में आरोपी भनोट को यह जिम्मेदारी इंटरनेशनल ओलंपिक कमेटी (आईओसी) की हरी झंडी के बाद दी गई है। इसके साथ ही उनकी सात साल के अंतराल के बाद आईओए की गतिविधियों में वापसी हो गई है।
यही नहीं आईओए ने ललित भनोट को खेल मंत्रालय के साथ जरूरी मुद्दों पर बात करने के लिए गठित की गई कमेटी में रखा है। आईओए की ओर से मंत्रालय की टारगेट ओलंपिक पोडियम स्कीम (टॉप्स) में भी उन्हें रखा जा रहा है। आईओए के सेक्रेटरी जनरल खुलासा करते हैं कि बीते दिनों आईओसी अध्यक्ष थामस बाख के दौरे के दौरान भनोट को कमेटियों में शामिल करने का मुद्दा रखा गया है।
आईओसी की टीम ने साफ किया है कि उन्हें भनोट को कमेटियों में रखे जाने पर कोई एतराज नहीं है। वह राष्ट्रमंडल खेल घोटाले में महज आरोपी हैं। मेहता का कहना है कि यही कारण कि उनके खेल प्रशासन में अपार अनुभव को देखते हुए उन्हें इतनी महत्वपूर्ण कमेटी के चेयरमैन की जिम्मेदारी दी गई है। इसका फायदा एशियाई और ओलंपिक खेलों में भारतीय दल को मिलेगा।
कमेटी का को चेयरमैन प्रेम वर्मा, वाइस चेयरमैन भूपिंदर सिंह बाजवा बनाए गए हैं। मेहता कन्वीर रहेंगे। सदस्यों में आरके आनंद, अनिल खन्ना, आदिल सुमारीवाला, सहदेव यादव, बीपी बैश्या, खजान सिंह, एलीना नार्मन, डेविड जॉन, बृज भूषण शरण सिंह, रणइंदर सिंह, गोपीचंद, राकेश गुप्ता, डॉ. एके मेंहदीरत्ता, डॉ. पवनदीप कोहली, विल्सन चेरियन, साई ईडी टीम्स विंग और मंत्रालय का प्रतिनिधि प्रमुख हैं।
सरकार को सिफारिश करेगी कमेटी
भनोट की अगुवाई में कमेटी सभी खेल संघों के साथ बैठक कर उन्हें तैयारियों पर निर्देश देगी। सभी संघों से उनकी मेडल जीतने की क्षमताओं के बारे में जाना जाएगा। इसके बाद यह कमेटी सरकार को खेलों की तैयारियों पर सिफारिश करेगी। जल्द ही कमेटी कार्य शुरू कर देगी।