असम के छोटे से गांव धिंग के किसान रोंजित दास की सबसे छोटी बिटिया हिमा दास ने छोटी सी उम्र में ही अपनी अलग पहचान बना ली है। कभी फुटबॉल खेलने वाली 19 वर्षीय हिमा अब भारतीय एथलेटिक्स का चमकता सितारा बन गई हैं।
हिमा ने18 साल की उम्र में आइएएएफ अंडर-20 एथेलिटक्स चैंपियनशिप में महिलाओ की 400 मीटर दौड़ में विश्व चैंपियन बनकर इतिहास बना दिया। वह एथलेटिक्स विश्व चैंपियनशिप में किसी भी वर्ग में स्वर्ण पदक जीतने वाली भारत की पहली महिला एथलीट हैं।
धिंग एक्सप्रेस के नाम से मशहूर हिमा के नाम ही 400 मीटर का राष्ट्रीय रिकॉर्ड भी है। उन्होंने जकार्ता एशियाई खेलों में 50.79 सेकंड के समय के साथ यह रिकॉर्ड बनाया।
- 03 पदक (महिलाओं की 4 गुणा 400 मी स्वर्ण, मिश्रित टीम स्पर्धा में रजत और 400 मी व्यक्तिगत रजत) एशियाई खेलों में जीते
-एकमात्र भारतीय महिला एथलीट है विश्व चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीतने वाली। वह 2018 में अंडर-20 वर्ग में चैंपियन बनीं थीं