कंपनी के एमडी पारस आनंद अमर उजाला से साफ करते हैं कि यह टेस्ट मैच उनके लिए बहुत बड़ा इम्तिहान है। पूरे देश और दुनिया के लोगों की निगाह उनकी ओर से बनाई गई गुलाबी गेंद पर होंगी। यही कारण है कि उन्होंने टेस्ट मैच में प्रयोग होने वाली लाल गेंद की तरह ही गुलाबी का निर्माण किया है। रंग और कोटिंग को छोड़कर गुलाबी गेंद में सब कुछ लाल गेंद जैसा है।
उन्होंने गेंद के निर्माण के लिए भुवनेश्वर कुमार और वरुण एरोन से भी बात कर उनके अनुभव का इस्तेमाल किया। यह जरूरी था। इन सभी दिग्गजों से लंबी बात की गई। उनसे पूछा गया किस तरह की सीम होनी चाहिए। उसका उभार, रंग, कोर हर विषय पर बात की गई। खास तौर पर अश्विन, भुवनेश्वर और एरोन ने इस गेंद के निर्माण में अहम सलाह दी है। इनके अलावा अन्य दिग्गजों से सलाह लेकर भी गेंद को अंतिम रूप दिया गया।
पारस कहते हैं कि गुलाबी गेंद के लिए लेदर इंग्लैंड से मंगवाया गया है। लाल गेंद में जितना लेदर प्रयोग होता है उतना ही इसमें भी किया गया है। कोशिश यही की गई है कि जिस तरह बुमराह, उमेश, शमी, इशांत, अश्विन और जडेजा लाल गेंद से गेंदबाजी में अपने को सहज महसूस करते हैं ठीक वैसी ही समानताएं गुलाबी गेंद में दी गई हैं। बस इसमें रंग और पीयू कोटिंग का फर्क है।