सबसे पहले हिमा दास का नाम दुनिया ने तब जाना जब जुलाई 2018 में उन्होंने फिनलैंड में आयोजित आईएएफ वर्ल्ड अंडर-20 चैम्पियनशिप की महिलाओं की 400 मीटर स्पर्धा में गोल्ड मेडल जीत इतिहास रचा था। हिमा ने राटिना स्टेडियम में हुए फाइनल में 51.46 सेकेंड का समय निकालते हुए स्वर्ण पर कब्जा जमाया था।
हाल ही में संपन्न हुए जकार्ता एशियाई खेलों में हिमा के खेल का लोहा दुनिया ने भी माना। खेलों के 12वें दिन महिलाओं की चार गुणा 400 मीटर रिले स्पर्धा का स्वर्ण पदक अपने नाम किया। हिमा दास, पूवम्मा राजू, सरिताबेन गायकवाड़ और विसमाया वेलुवाकोरोथ की जोड़ी ने तीन मिनट 28.72 सेकेंड का समय निकाल भारत की झोली में दिन का दूसरा स्वर्ण पदक डाला था।
महिलाओं की 400 मीटर स्पर्धा का रजत पदक भी हिमा ने अपने नाम किया था। इससे पहले वह अप्रैल में गोल्ड कोस्ट में हुए राष्ट्रमंडल खेलों की 400 मीटर स्पर्धा में तत्कालीन भारतीय अंडर 20 रिकॉर्ड 51. 32 सेकेंड के समय के साथ छठे स्थान पर रही थी। हिमा दास 2020 टोक्यों में होने जा रहे इंटरनेशनल एथलीटिक्स मीट में देश के लिए मेडल लाने की प्रबल दावेदार हैं।