भारतीय मुक्केबाजी के हाई परफोरमेंस निदेशक सांटियागो निएवा का मानना है कि एम सी मैरीकाम के लिये यहां होने वाली विश्व चैम्पियनशिप में छठा स्वर्ण पदक जीतना इतना आसान नहीं होगा। निएवा ने यहां आयोजित प्रेस कांफ्रेंस में कहा, 'हर किसी को मैरीकाम के स्वर्ण पदक जीतने की उम्मीद है लेकिन यह आसान नहीं होगा। उसे बेहतर प्रदर्शन करना होगा, तभी वह स्वर्ण पदक जीत सकती है।'
उन्होंने कहा कि मैरीकाम को दबाव से निपटना होगा। निएवा ने कहा, 'हर कोई उसे जानता है। उस पर थोड़ा दबाव है लेकिन वह पहले भी इससे निपट चुकी है और हमें पूरा भरोसा है कि वह फिर से ऐसा कर सकती है।' पदक की संभावनाओं के बारे में कहा, 'मुझे कम से कम तीन पदकों की उम्मीद है, जिसमें एक स्वर्ण भी हो सकता है। अगर हम ऐसा नहीं कर पाये तो ठीक नहीं होगा। तीन पदकों से ज्यादा बोनस होगा।'
निएवा ने कहा, 'लवलीना बोरगोहेन (69 किग्रा), मनीषा (54 किग्रा) ट्रेनिंग में प्रभावित कर रही हैं लेकिन टूर्नामेंट की बाउट पूरी तरह से अलग होती हैं। यह उनकी पहली विश्व चैम्पियनशिप है, उन्हें इसका अनुभव नहीं है लेकिन ये अच्छी मुक्केबाज हैं।' पांच बार की विश्व चैम्पियन महिला मुक्केबाज एम सी मैरीकाम को यहां शुरू होने वाली एआईबीए महिला विश्व चैम्पियनशिप में खुद से और पूरे भारतीय दल से सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन की उम्मीद है।
मैरीकाम (48 किग्रा) विश्व चैम्पियनशिप में पांच स्वर्ण और एक रजत से कुल छह पदक जीत चुकी हैं और अब वह छठे स्वर्ण पर निगाह लगाये हैं। अब भी वह पूरी तरह फिट हैं और 2020 तोक्यो ओलंपिक में खेलकर अपना करियर खत्म करना चाहती हैं।
एआईबीए विश्व चैम्पियनशिप के लिए तैयार भारत
मैरी कॉम
वहीं, दसवीं एआईबीए महिला विश्व चैम्पियनशिप की 'ब्रांड दूत' मैरीकाम ने यहां आयोजित प्रेस कांफ्रेंस में कहा, 'तैयारियां बेहतरीन चल रही हैं और कई देशों के खिलाफ हमने अभ्यास किया है। अलग अलग जोड़ीदार के खिलाफ ट्रेनिंग करने से काफी अनुभव मिलता है। कोच भी सभी के साथ काफी मेहनत कर रहे हैं। हम सभी मुक्केबाज भी अपनी सर्वश्रेष्ठ तैयारी कर रहे हैं।'
कोसोवो की मुक्केबाजों के वीजा संबंधित मामले के बारे में भारतीय मुक्केबाजी संघ (बीएफआई) के अध्यक्ष अजय सिंह ने कहा, 'यह विदेश मंत्रालय से जुड़ा संवेदनशील मुद्दा है। मैं इस बारे में टिप्पणी नहीं करना चाहूंगा। यह सिर्फ भारत का मुद्दा नहीं है, यह वैश्विक मुद्दा है। हम एआईबीए और आईओसी के दिशानिर्देश का पालन कर रहे हैं। यह भारत नहीं अन्य देशों का भी मुद्दा है जो कोसोवो को मान्यता नहीं देते।'
प्रदूषण के कारण इनडोर ट्रेनिंग
फिनलैंड की मुक्केबाज मीरा पोटकोनेन (60 किग्रा) भी इस मौके पर मौजूद थीं, वह जनवरी में भी इंडिया ओपन में भाग लेने भारत आयी थीं और यह देश का उनका दूसरा दौरा है। उन्होंने कहा, 'जनवरी में भी मैं इंडिया ओपन में भाग लेने आयी थी और जीत दर्ज की थी। दूसरी बार आना अच्छा है, मैं कल आयी हूं। मैं विश्व चैम्पियनशिप की तैयारियों में जुटी थी जिसके लिये मैंने अमेरिका और फ्रांस में शिविर में ट्रेनिंग की। मैं दो टूर्नामेंट में खेली, एक स्पेन में था और एक फिनलैंड में ही था।'