यह बीते वर्ष की बात है जब हिमा दास और दुती चंद ने अपने गुरुओं एशियाई खेलों के मेडल के रूप में सबसे बड़ा तोहफा दिया था। उस दौरान दोनों गुरु निपुन दास और एन रमेश अपनी शिष्याओं पर पुष्पवर्षा होते देख गौरव की अनुभूति कर रहे थे। इस बार शिक्षक दिवस पर दोनों एथलीट अपने गुरुओं से दूर थीं। हिमा चेक रिपब्लिक में तैयारियां कर रही हैं तो दुती पटियाला में इंडियन ग्रांप्री में थीं, लेकिन दोनों ही एथलीट फोन के जरि ए अपने गुरुओं से आशीर्वाद लेना नहीं भूलीं।
रमेश ने दुती से मांगा विश्व चैंपियनशिप के टिकट का तोहफा
एन रमेश इस बार दुती के साथ इंडियन ग्रांप्री के लिए पटियाला नहीं जा पाए। वह हैदराबाद में थे। रमेश के मुताबिक दुती का जब सुबह फोन आया तो उन्होंने उनसे यही कहा कि आज उनके पास विश्व चैंपियनशिप के लिए क्वालिफाई करने का अंतिम मौका होगा। अच्छा होगा कि वह आज उन्हें चैंपियनशिप के लिए क्वालिफाई करने का तोहफा दें।
दुती ने भी कहा कि वह पूरी कोशिश करेंगी। रमेश बताते हैं कि बीते वर्ष एशियाई खेलों में जब दुती ने 100 मीटर का रजत जीता था तो यह उनके लिए शिक्षक दिवस का सबसे बड़ा तोहफा था। बीते वर्ष पांच सितंबर को वह दुती के मेडल के साथ भारत में थे। रमेश कहते हैं कि वैसे दुती इस साल उन्हें विश्व यूनिवर्सियाड का गोल्ड जीतकर बेहद अनमोल तोहफा दे चुकी है।
निपुन ने दिया हिमा को सफल होने का आशीर्वाद
निपुन के मुताबिर हिमा ने चेक रिपब्लिक से फोन कर आशीर्वाद मांगा। उन्होंने उसे सफल होने का आर्शीवाद दिया है। निपुन के मुताबिक हिमा ने उन्हें बीते वर्ष शिक्षक दिवस पर न भुलाने वाला तोहफा दिया था। एशियाई खेलों में एक स्वर्ण और दो रजत जीतना उनके लिए बहुत बड़ा क्षण था। तब वह वहीं थे, लेकिन इस बार दूर हैं। उम्मीद है अगले शिक्षक दिवस वह उनके पास होगी। निपुन यह भी कहते हैं कि उन्हें पूरी उ5म्मीद है कि वह विश्व चैंपियनशिप में हिमा रिले में जरूर दौड़ेगी।