भारत को टोक्यो में पहला पदक मीराबाई चानू ने दिलाया। उन्होंने भारत्तोलन में देश के लिए रजत पदक जीता। स्नैच के बाद मीराबाई चानू दूसरे नंबर पर थीं। इसके बाद क्लीन एंड जर्क के पहले प्रयास में मीराबाई चानू 110 किग्रा उठाने में कामयाब रहीं। मीराबाई ने 49 किग्रा वर्ग में दूसरा स्थान हासिल कि इस स्पर्धा का स्वर्ण चीन की जीहोई होउ ने जीता है.या।
2. पीवी सिंधू ने रचा इतिहास
बैडमिंटन में भारत के लिए पीवी सिंधु ने कांस्य पदक जीता। इसी के साथ सिंधु ओलंपिक में दो पदक जीतने वाली दूसरी भारतीय खिलाड़ी बन गई हैं। इससे पहले सुशील कुमार को कुश्ती में दो पदक मिले थे।
3. हॉकी: एक कांस्य पदक जीता
इस बार भारत की पुरुष हॉकी टीम ने कांस्य पदक अपने नाम किया। भारत ने 41 साल बाद ओलंपिक हॉकी में पदक जीता। इससे पहले भारत ने 1980 में स्वर्ण पदक जीता था। टोक्यो में भारत की महिला हॉकी टीम ने भी शानदार खेल दिखाया और पहली बार चौथे स्थान पर रही
4. बॉक्सिंग: कांस्य पदक से संतोष
पहली बार ओलिंपिक में हिस्सा ले रही लवलीना बोरगोहेन को 69 किलोग्राम वेट कैटेगरी के सेमीफाइनल में हार का सामना करना पड़ा। हालांकि, वे खाली हाथी देश नहीं लौटेंगी। उन्होंने भारत की झोली में कांस्य पदक तो डाला ही। अगर वे सेमीफाइनल मुकाबला जीत जातीं, तो पहली बार कोई भारतीय बॉक्सर ओलंपिक में स्वर्ण या रजत पदक की दावेदारी पेश करता।
5. कुश्ती: रवि को रजत, बजरंग ने कांस्य जीता
कुश्ती (फ्री स्टाइल) में रवि कुमार दहिया ने रजत पदक जीतकर भारत की झोली में एक और पदक डाला। इसके अलावा बजरंग पुनिया ने कांस्य पदक जीतकर कुश्ती में भारत का बोलबाला साबित किया। इसके अलावा दीपक पुनिया ने भी अच्छा प्रदर्शन किया। हालांकि, वे भारत के लिए कोई पदक नहीं जीत पाए।
6. एथलेटिक्स: टोक्यो में भारत को पहला गोल्ड मिला
भारत को सबसे बड़ी सफलता उम्मीद जैवलिन थ्रो में हासिल हुई। नीरज चोपड़ा ने ओलंपिक में 13 साल बाद भारत को स्वर्ण पदक दिलाया। यही नहीं, 121 साल में पहली बार भारत को ट्रैक एंड फील्ड में स्वर्ण पदक हासिल हुआ। नीरज ट्रैक एंड फील्ड में सोना जीतने वाले पहले भारतीय भी हैं।
टोक्यो से पहले भारत का सबसे सफल ओलंपिक 2012 लंदन ओलिंपिक रहा था। इसमें भारत ने दो रजत और चार कांस्य समेत कुल छह पद अपने नाम किए थे। 2008 बीजिंग में टीम इंडिया ने एक स्वर्ण और दो कांस्य समेत तीन पदक जीते थे। इस तरह टोक्यो में 7 पदक जीतकर भारत ने लंदन को भी पीछे छोड़ दिया।
छह ओलंपिक में खाता भी नहीं खुल सका
भारत ने अब तक 24 ओलंपिक में हिस्सा लिया है। इसमें से छह ओलंपिक में एक भी मेडल नहीं जीत सका। 1896 से मॉडर्न ओलंपिक गेम्स आयोजित हो रहे हैं। तब से दुनिया ने अमेरिका, सोवियत संघ, ब्रिटेन, चीन, फ्रांस, जर्मनी, इटली और जापान जैसे देशों को महाशक्ति के तौर पर देखा।