एशियाई खेलों और ओलंपिक की तैयारियों के लिए टारगेट ओलंपिक पोडियम स्कीम (टॉप्स) से जुड़े खिलाड़ियों का विदेश में ट्रेनिंग के दौरान घर जैसा ख्याल रखने की तैयारियां कर ली गई है। विदेश में ट्रेनिंग के दौरान भारतीय खिलाड़ियों की दिक्कतों का ख्याल वहां रहने वाले भारतवंशी करेंगे।
यह पहल खुद प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) की ओर से की गई है। पीएमओ की इस पहल को खेल मंत्रालय परवान चढ़ाने में जुटा हुआ है। इसके लिए मंत्रालय उन देशों के भारतीय राजदूतों से बात कर रहा है जहां के सेंटरों में भारतीय खिलाड़ियों को ट्रेनिंग के लिए जाना है।
मंत्रालय ने इसके लिए साई से उन ट्रेनिंग सेंटरों की सूची भी मांग ली है जहां खिलाड़ियों को तैयारियों के लिए जाना है। इन्हीं देशों के राजदूतों से मंत्रालय बात कर रहा है। दरअसल, विदेश में तैयारियों के दौरान खिलाड़ियों को कई तरह की दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।
इनमें खाना और घर जैसे माहौल सबसे बड़ी समस्या रहता है। पीएमओ और मंत्रालय का तर्क है कि इन देशों में रहने वाले भारतवंशी इस समस्या को काफी हद तक हल कर सकते हैं। विदेश में रहने वाले भारतवंशी मदद के लिए तैयार भी रहते हैं।
खासतौर पर वह खिलाड़ियों को घर जैसा खाना उपलब्ध कराने और भारतीयों के बीच उठना-बैठना कराकर खिलाड़ी की इस दिक्कत को हल कर सकते हैं। यही नहीं ट्रेनिंग के दौरान अगर खिलाड़ी को किसी तरह की दिक्कत आती है तो भी ये भारतवंशी खिलाड़ी की मदद को आगे आ सकते हैं।
मंत्रालय तैयार कर रहा है सूची
टॉप्स के तहत अब तक 184 खिलाड़ी रखे जा चुके हैं। हालांकि इसमें नए खिलाड़ियों को जोड़ने और कईयों को बाहर करने की प्रक्रिया चल रही है। इन्हीं खिलाड़ियों की ओर से आए प्रस्तावों पर मंत्रालय राजदूतों से बातकर भारतवंशियों की सूची तैयार कर रहा है।