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फिट रहने के लिए खिलाड़ियों ने ढूंढे अनोखे तरीके, कोई चढ़ रहा मंदिर की सीढ़ियां, कोई उठा रहा गैस सिलेंडर

Sat, 09 May 2020 07:03 AM IST
Rajeev Rai हेमंत रस्तोगी, अमर उजाला
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लॉकडाउन में खिलाड़ियों की देसी तैयारी - फोटो : अमर उजाला
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कोरोना वायरस के दौर में घरों में बंद बॉक्सरों के पास फिट रहने के लिए एनआईएस पटियाला की तरह आधुनिक जिम भले नहीं हों, लेकिन इन बॉक्सरों ने ओलंपिक की तैयारियों के लिए अपने को फिट रखने को भुलाए जा चुके पुरातन और अनोखे तरीके अपना लिए हैं। ओलंपिक क्वालिफाई कर चुके मनीष कौशिक चार सौ मीटर ऊंचाई पर स्थित मंदिर की सीढिय़ों से चढ़-उतर रहे हैं तो एशियन चैंपियन अमित पंघाल गले में पेड़ का मोटा लट्ठा रस्सी में बांधकर खेत जोत रहे हैं। 
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प्रेसीडेंट कप गोल्ड मेडलिस्ट नवीन वजन उठाने के लिए भार नहीं मिला तो उन्होंने डंडे में चक्की के पाटों को भार बना ठाना शुरू कर दिया। महिला बॉक्सर भी पीछे नहीं हैं ओलंपिक क्वालिफाई करने वाली लोवलीना ने भार उठाने के लिए वजन नहीं तो गैस सिलेंडर से काम चला लिया वहीं सिमरनजीत कौर ने कंधे पर छोटी भतीजी को बिठाकर ही बैठकें लगा डालीं।
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मंदिर चढ़ जांघों की ताकत बढ़ा रहे मनीष
बॉक्सिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया की ऑन लाइन ट्रेनिंग में बॉक्सरों ने फिटनेस के लिए क्या किया उसका उन्हें वीडियो डालना जरूरी है। हाई परफॉरमेंस डायरेक्टर सेंटियागो की ओर से बॉक्सरों को रोजाना फिटनेस का कार्यक्रम दिया जाता है, जिसे बॉक्सर इन अनोखे तरीकों से निभाते हैं। कॉमनवेल्थ गेम्स मेडलिस्ट मनीष कौशिक के मुताबिक उनका गांव भिवानी के पास देवसर गांव की पहाड़ी पर माता का मंदिर है। चार सौ मीटर की ऊंचाई पर स्थित मंदिर में दो सौ के करीब सीढिय़ां हैं और इतनी ही ऊंचाई का कच्चा रास्ता है। जांघों की ताकत बढ़ाने के लिए उन्हें मंदिर पर चढने-उतरने से अच्छा कुछ नहीं लगा। सुबह साढ़े पांच बजे उठकर वह मंदिर की कई बार उतार-चढ़ाई करते हैं।

पत्थर और टायरों का भी सहारा
लोवलीना और सिमरनजीत जहां गैस सिलेंडर उठाकर और भतीजी को कंधे पर बिठाकर कत कर रही हैं तो वहीं वल्र्ड चैंपियनशि मेडलिस्ट सोनिया लाथेर भारी भरकम पत्थर को उठाकर उठक-बैठक कर रही हैं। बॉक्सर संजीत को शुरुआत में पंचिंग बैग नहीं मिला तो उन्होंने कार के टायरों को एकत्र कर उन्हें रस्सी पर टांगकर बॉक्सिंग ट्रेनिंग शुरू कर दी। वहीं प्रेसीडेंट कप में रजत जीतने वाले हिमाचल प्रदेश के गौरव चौहान ने कसरत के लिए ट्रैक्टर के टायर और लकड़ी के डब्बे को सहारा बनाया।

साई घरों में पहुंचा रहा उपकरण
बीएफआई के कार्यकारी निदेशक आरके सचेती का कहना अब साई ने बॉक्सरों से को उनके घरों पर उपकरण पहुंचाना शुरू कर दिया है, लेकिन बॉक्सर घरों पर देसी तरीकों को भी अपना रहे हैं। इससे उन्हें फिट रहने में मदद मिल रही है।
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