कोच को लेकर चल रहे विवाद की गाज तीरंदाजों पर गिरने जा रही है। पांच मई से चीन में शुरू होने जा रहे तीरंदाजी विश्व कप में कंपाउंड तीरंदाज बिना कोच के जांएगे। खेल मंत्रालय और साई ने चीन जा रहे विवादित कोच का नाम हटा दिया। उनके स्थान पर जिस कोच को शामिल किया गया है। उनका वीजा नहीं लग सका है। वहीं टीम में शामिल एक अन्य कोच का पासपोर्ट ही नहीं है।
ऐसे में कंपाउंड तीरंदाज तीन मई को बिना कोच के रवाना होंगे। विवाद की शुरुआत उस वक्त हुई जब कोलंबिया विश्व कप के लिए टीम में शामिल कोच कैलाश का नाम मंत्रालय ने हटाने के लिए कहा। मंत्रालय का तर्क था कि कैलाश रिकर्व तीरंदाज रहे हैं वह कंपाउंड तीरंदाजों के कोच कैसे हो सकते हैं। कोच का नाम हटाने से टीम को मंजूरी मिलने में देरी हुई। इसके बाद टीम को एयरलाइंस ने फ्लाइट में नहीं चढ़ने दिया।
दूसरे विश्व कप के लिए जब टीम चयनित हुई तो कैलाश का नाम फिर शामिल कर लिया गया। टीम में शामिल तीरंदाजों के कोच ने इसकी शिकायत मंत्रालय को की। इसके बाद साई ने उनका नाम टीम से हटा दिया और टीटोमस शर्मा का नाम शामिल कर लिया। चीनी दूतावास में पांच मई तक छुट्टियां हैं।
जिसके चलते टीटोमस का वीजा नहीं लग सका है। वहीं टीम में कैलाश के साथ शामिल किए गए कोच वेद कुमार का पासपोर्ट ही नहीं है। इस बीच अगर कोच टीटोमस का वीजा लग जाता है तो उन्हें भेजा जाएगा।