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पिछले तीन ओलंपिक में कैसा खेला भारत, इन पांच एथलीट्स से होगी पदक की उम्मीद

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ओलंपिक में भारत - फोटो : ट्विटर
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चार साल में एक बार आने वाला खेलों का 'महाकुंभ' ओलंपिक इस बार जापान की राजधानी टोक्यो में होने जा रहा है। कोरोना वायरस के खतरे के बीच 24 जुलाई से ओलंपिक 2020 का आगाज हो रहा है। ओलंपिक की भव्यता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इस बार करीब 206 देशों के बीच 33 खेलों में 339 प्रतियोगिताओं का आयोजन होना है। अपनी संस्कृति और खान-पान के लिए मशहूर जापान को उगते हुए सूरज का देश भी कहा जाता है। टोक्यो ओलंपिक में इस बार इस बार तकनीकी का बोलबाला होने वाला है। 200 से ज्यादा ज्वालामुखी वाला देश जापान लोगों को आकर्षित करने के लिए खेलों में तकनीक का गजब इस्तेमाल करने जा रहा है।

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पिछले तीन ओलंपिक में कैसा खेला भारत

ओलंपिक में भारत - फोटो : ट्विटर
2016 ओलंपिक
कुल पदक 2
पीवी सिंधु रजत
साक्षी मलिक कांस्य
भारत का स्थान 67

 
2012 ओलंपिक
कुल पदक 6
सुशील कुमार रजत
योगेश्वर दत्त कांस्य
गगन नारंग कांस्य
विजय कुमार रजत
साइना नेहवाल कांस्य
मैरीकॉम कांस्य
 
2008 ओलंपिक
कुल पदक 3
अभिनव बिंद्रा स्वर्ण
सुशील कुमार कांस्य
विजेंद्र कुमार सिंह कांस्य
स्थान 50वां

2008 में आया पहला गोल्ड

अभिनव बिंद्रा
आजादी के बाद से भारत ने पांच बार गोल्ड मेडल ही जीते थे, लेकिन निजी तौर पर भारत के किसी खिलाड़ी ने कोई गोल्ड मेडल नहीं जीता था। सभी मेडल फील्ड हॉकी से आए थे, फिर 2008 में बिंद्रा ने चीन में सोने पर निशाना साधा। उन्होंने 10 मीटर राइफल शूटिंग में सोने का तमगा जीता। बिंद्रा ने 10.8 पर निशाना लगाकर सुनहरा इतिहास रचा। पेइचिंग में भारत ने दो और मेडल जीते थे। विजेंदर सिंह ने बॉक्सिंग में और सुशील कुमार ने कुश्ती में कांस्य पदक जीता था।

इस साल इन एथलीट्स से उम्मीद

विनेश फोगाट, कुश्ती

2016 रियो ओलंपिक में इंजरी के बाद क्वार्टरफाइनल में बाहर हो जाने वाली विनेश फोगाट पहलवानी में भारत की नई उम्मीद है। 2019 विश्व कुश्ती चैंपियनशिप में ब्रॉन्ज मेडल जीतकर 25 वर्षीय यह एथलीट टोक्यो ओलंपिक के लिए क्वालीफाई करने वाली पहली पहलवान बनीं थीं।

बजरंग पूनिया, कुश्ती
2017 में एशियन कुश्ती चैंपियनशिप जीतने के बाद जबरदस्त फॉर्म में चल रहे बजरंग से भी कुश्ती में गोल्ड मेडल की आस होगी। 2018 कॉमनवेल्थ खेलों में स्वर्णिम पताका लहराने वाले हरियाणा के इस पहलवान ने एशियन गेम्स में भी सोना जीता था। विश्व कुश्ती चैंपियनशिप में सिल्वर मेडल जीतकर टोक्यो के लिए क्वालीफाई करने वाले 25 वर्षीय बजरंग भारत की उम्मीदों को नहीं तोड़ेगे।

मैरीकॉम, मुक्केबाजी
लंदन 2012 ओलंपिक की कांस्य पदक विजेता और भारत की सबसे अनुभवी मुक्केबाज मैरीकॉम 2016 में क्वालीफाई करने से चूक गईं थीं। 'सुपरमॉम मैरीकॉम' के नाम से ख्यात 36 वर्षीया इस मुक्केबाज में अभी भी इतना दम है कि वह टोक्यो में तिरंगा लहरा दे।  49 किग्रा भारवर्ग से 51 किग्रा कैटेगरी में खुद को ढालना भी किसी चुनौती से कम नहीं है।
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पीवी सिंधु, बैडमिंटन

पीवी सिंधु - फोटो : सोशल मीडिया
महज 20 साल की उम्र में 2016 रियो ओलंपिक में रजत पदक जीतकर रातों-रात पूरे देश की लाड़ली बनने वालीं सिंधु ने बीते चार साल में कई उतार-चढ़ाव देखे। साइना नेहवाल की खराब फॉर्म के बाद देश को उनसे उम्मीदें भी बढ़ गई है। हैदराबाद में जन्मीं सिंधु ने 2019 में विश्व चैंपियनशिप जीतकर इतिहास रच दिया था। एक बार फिर समूचा हिंदुस्तान चाहेगा कि वह बैडमिंटन में गोल्ड जीतकर स्वर्णिम कहानी लिखे।

मनु भाकर, शूटिंग
महज 15 साल की उम्र में एशियन जूनियर चैंपियनशिप जीतकर दुनिया को अपना नाम बताने वालीं मनु भाकर शूटिंग में भारत की नई उम्मीद है। 17 वर्षीय इस निशानेबाज आईएसएसएफ वर्ल्ड कप के 10 मीटर एयर पिस्टल इवेंट में गोल्ड मेडल हासिल कर इतिहास रचा था। 25 मीटर एयर पिस्टल में वह देश की बड़ी उम्मीद होंगी।
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