रियो ओलंपिक के 13वां दिन भारत के लिए खुशी का क्षण लेकर आया जब बैडमिंटन के महिला एकल में पीवी सिंधू ने फाइनल में प्रवेश कर इतिहास रच दिया।हालांकि कुश्ती से निराश करने वाली खबर आई जब बबीता अपने पहले मैच में ही हार गईं।
पहलवान साक्षी मलिक की ऐतिहासिक सफलता के बाद अब बैडमिंटन में भी पीवी सिंधू देश को दूसरा पदक दिलाएंगी। वह बैडमिंटन के फाइनल में पहुंचने वाली भारत की पहली खिलाड़ी बन गई हैं। अब वह स्वर्ण पदक के लिए चुनौती पेश करेंगी।
सिंधू ने जापान की नोजोमी ओकूहारा को सेमीफाइनल में जोरदार चुनौती दी और सीधे गेम में हराकर फाइनल में प्रवेश कर लिया। सिंधू से पहले पिछले ओलंपिक में साइना नेहवाल ने बैडमिंटन में देश के लिए कांस्य पदक जीता था।
पहले सेट में बहुत कड़ा मुकाबला था जिसे सिंधु ने 21-19 से जीता. लेकिन दूसरे सेट में शानदार प्रदर्शन दिखाते हुए उन्होंने 21-10 से जीत दर्ज की।
इससे पहले हैदराबाद की सिंधू ने इससे पहले क्वार्टर फाइनल मुकाबले में चीन की वैन यिहान को बेहद कडे़ मुकाबले में 22-20, 21-19 से हराकर सेमीफाइनल का टिकट कटाया था। सिंधू ने अपने पहले ही ओलंपिक खेल के क्वार्टर फाइनल में 2012 के लंदन ओलंपिक की रजत पदक विजेता यिहान को हराया था।
बैडमिंटन के अलावा भारत की ओर से कुश्ती से एक बुरी खबर है कि बबीता फ्रीस्टाइल में 55 किलो भार वर्ग में हार गई हैं। प्री-क्वार्टर में बबीता ग्रीक पहलवान मारिया प्रेवोलरॉकी से 5-1 से हार गई हैं। अब कांस्य पदक के लिए बबीता को मनाना होगा कि ग्रीक पहलवान फाइनल में पहुंच जाए जिससे उनको रेपचेज के जरिए कांस्य के लिए उतरने का मौका मिल जाए। लेकिन ग्रीक पहलवान क्वार्टर फाइनल में हार गईं और बबीता की उम्मीदें खत्म हो गईं।