कुश्ती संघ के अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह ने मंत्रालय से इस बाबत बात भी की। अब कुश्ती संघ ने फैसला लिया है कि अगर मंत्रालय की मंजूरी नहीं मिली तो निजी क्षेत्रों के आगे हाथ फैलाएंगे। कुश्ती संघ का मानना है कि अगर अब अनुबंध नहीं हुआ तो उन्हें अच्छे विदेशी कोच नहीं मिलेंगे जिसका सीधा असर ओलंपिक की तैयारियों पर पड़ेगा। ये तीनों कोच बेहद नामी हैं। इनका रिकॉर्ड काफी अच्छा है। वहीं मंत्रालय का कहना है कि निर्धारित प्रक्रिया पूरी किए बिना कोच के अनुबंध को हरी झंडी देना उनके लिए मुसीबत बनेगा।