खेल मंत्री को लिखा था पत्र
आईओए अध्यक्ष नरिंदर बत्रा ने अभूतपूर्व कदम उठाते हुए शनिवार को खेल मंत्री किरण रिजिजू को पत्र लिखकर बर्मिंगम 2022 राष्ट्रमंडल खेलों से निशानेबाजी को हटाने पर इन खेलों के बहिष्कार का प्रस्ताव रखा था और सरकार से स्वीकृति मांगी थी। इससे पहले आईओए ने निशानेबाजी को हटाए जाने के विरोध में सीजीएफ की आम सभा से नाम वापिस ले लिया था जो सितंबर में रवांडा में होनी है।
रवांडा मामले पर जताई निराशा
आईओए ने साथी ही क्षेत्रीय उपाध्यक्ष पद के लिए राजीव मेहता और खेल समिति के सदस्य के रूप में नामदेव शिरगांवकर के नाम भी वापस ले लिए थे। सीजीएफ अधिकारी ने कहा, 'स्वाभाविक रूप से हम निराश हैं कि भारत में हमारे साथियों ने रवांडा में 2019 सीजीएफ आम सभा में अन्य राष्ट्रमंडल देशों और क्षेत्रों के साथ नहीं आने का फैसला किया है, विशेषकर इसलिए क्योंकि यहां पर राष्ट्रमंडल खेल अभियान की भविष्य की रणनीतिक दिशा पर चर्चा होगी और हमारे 71 सदस्य इसे स्वीकृति देंगे।'
क्या था बत्रा के पत्र में
बत्रा ने 2022 खेलों के बहिष्कार का प्रस्ताव रखते हुए 'भारत विरोधी मानसिकता' के लिए सीजीएफ की आलोचना की। उन्होंने यह भी कहा कि भारत के अच्छा प्रदर्शन करने पर हर बार नियमों में बदलाव की कोशिश की जाती है। उन्होंने यह भी कहा कि भारत किसी भी देश का उपनिवेश नहीं है। आईओए प्रमुख ने पत्र में लिखा, 'हम काफी समय से देख रहे हैं कि भारत जब भी खेलों पर पकड़ बनाने लगता है और अच्छा प्रदर्शन करने लगता है, तब नियमों में बदलाव की कोशिश की जाती है। हमें लगता है कि समय आ गया है कि हम आईओए/भारत में शामिल लोग कड़े सवाल पूछने शुरू करें और कड़ा रवैया अपनाएं।'