प्रेसिडेंट्स कप के रजत पदकधारी गौरव चौहान (91 किग्रा) और पूर्व यूथ विश्व चैंपियन ज्योति गुलिया (51 किग्रा) ने रजत पदक अपने नाम किए जिससे भारत ने हंगरी में 64वें बोक्सकाई मेमोरियल टूर्नामेंट में अपना अभियान पांच पदक से समाप्त किया।
चौहान को फाइनल में कजाखस्तान के ऐबेक ओरलबे से 0-4 से हार का सामना करना पड़ा। गुलिया (51 किग्रा) ने भी रजत पदक से संतोष किया, उन्हें रूस की सोलुईयानोवा श्वेतलाना से फाइनल में 2-3 से हार मिली। मनीषा (57 किग्रा) और पीएस प्रसाद (52 किग्रा) ने भी रजत पदक हासिल किए थे।
एशियाई चैंपियनशिप की कांस्य पदक विजेता मनीषा को फाइनल में विश्व चैंपियनशिप की रजत पदकधारी रूस की लियूडमिला वोरोंतसोवा से हार मिली थी। प्रसाद को कजाखस्तान के मखमूद सब्रिखान से पराजय का सामना करना पड़ा था। सचिन ने चैंपियनशिप के 57 किग्रा वर्ग में कांस्य पदक जीता।