लंदन ओलंपिक मेडलिस्ट गगन नारंग चौथी बार ओलंपिक में देश के लिए दावेदारी पेश करने जा रहे हैं, लेकिन बीजिंग ओलंपिक में एक चूक के चलते फाइनल में नहीं पहुंच पाने का दर्द आज भी उन्हें सोने नहीं देता है।
यह दर्द इस लिए नहीं था कि उनके हाथ से ओलंपिक पदक निकल गया था। इसकी वजह थी गगन की चूक उनके माता-पिता को भारी पड़ थी। माता-पिता को बेटे के फाइनल में नहीं पहुंचने का इतना दुख था कि दोनों गंभीर रूप से बीमार पड़ गए। अंत में गगन को दोनों को अस्पताल में दाखिल कराना पड़ा।
गगन नारंग ने बुधवार को यह खुलासा पत्रकार दिग्विजय सिंह देव और अमित बोस की किताब माई ओलंपिक जर्नी के मौके पर किया। गगन के मुताबिक वह फाइनल में पहुंचने के कगार पर थे, लेकिन अंतिम निशाना 8.9 पर जा लगा और वह काउंट बैक में फाइनल में पहुंचने से रह गए।
उन्होंने अपने को समझा लिया कि मेडल नहीं मिला तो कोई बात नहीं, लेकिन माता-पिता ने इस दिल पर लगा लिया। तब उन्हें समझ में आया कि ओलंपिक की यात्रा सिर्फ अकेले की नहीं होती है जो आपसे जुड़े होते हैं वह भी पूर्ण रूप से साथ होते हैं। यही कारण है कि जब उन्होंने लंदन ओलंपिक में पदक जीता तो खुशी के मारे हवा में मुठ्ठियां भीच लीं।