अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक परिषद (आईओसी) की बॉक्सिंग टॉस्क फोर्स (बीटीएफ) की ओर से ओलंपिक क्वालिफायर तीन से 11 मार्च किए जाने के बाद भारतीय बॉक्सरों को अपनी तैयारियों की नए सिरे से योजना बनानी पड़ रही है। फरवरी माह में पुरुष और महिला बॉक्सरों को तैयारियों के लिए कोलराडो स्प्रिंग (अमेरिका) जाना था, लेकिन अब इस दौरे को टालना पड़ेगा।
बीटीएफ ने वुहान (चीन) से कोरोना वायरस फैलने के चलते क्वालिफायर की मेजबानी छीन इसे एक माह के लिए आगे बढ़ा दिया है। मेजबानी पर फैसला बीटीएफ कुछ दिनों में करेगा। भारत ने भी मेजबानी मांगी है, हालांकि कुछ अन्य देशों ने भी बीटीएफ के समक्ष मेजबानी की इच्छा जताई है। जिसके चलते मेजबानी को लेकर मुकाबला कड़ा हो गया है। बीटीएफ कुछ ही दिनों में नए मेजबान की घोषणा करेगा। हालांकि अब पहले और मई में पेरिस में होने वाले दूसरे क्वालिफायर के बीच का समय भी कम रह गया है। ऐसे में बीएफआई और भारतीय टीम मैनेजमेंट का मानना है कि चुनौतियां और कड़ी हो गई हैं।
हालांकि महिला बॉक्सरों को अब तैयारियों का और मौका मिल गया है। फेडरेशन के एक अधिकारी के मुताबिक फ्रांस और रूस की टीमों को तैयारियों के लिए दिल्ली बुलाने की बात की गई है। फ्रांस ने हामी भर दी है, जबकि रूस के भी हां करने की उम्मीद है। वहीं पुरुष टीम अभी बेल्लारी में ऑस्ट्रेलिया और इटली के साथ तैयारियां कर रही है। अब पुरुष बॉक्सर एनआईएस पटियाला लौट आएंगे। फेडरेशन के मुताबिक कोलराडो स्प्रिंग अब फरवरी की बजाय मार्च माह में जाया जाएगा।