फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

फ्लैशबैकः फ्लाइंग सिख मिल्खा सिंह के रूप में भारत को मिला नया स्टार

Fri, 10 Aug 2018 06:20 AM IST
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला
विज्ञापन
मिल्खा सिंह
विज्ञापन

जापान की राजधानी टोक्यो में पहली बार हुए इन खेलो में भारत को फ्लाइंग सिख मिल्खा सिंह के रूप में नया हीरो मिला। मिल्खा ने 200 मीटर (21.6 सेकंड) दौड़ गेम्स रिकॉर्ड के साथ जीती। उन्होंने पाकिस्तान के फर्राटा धावक अब्दुल खालिक को पछाड़कर चैंपियन बनने का गौरव हासिल किया।

विज्ञापन


पहली बार यद दोनों धुरंधर किसी टूर्नामेंट में एक साथ दौड़े थे। इसके बाद मिल्खा ने 400 मीटर (47.0 सेकंड) दौड़ की पीला तमगा भी जीतकर गोल्डन डबल पूरा किया। मनीला में शॉटपुट में अपना लोहा मनवाने वाले प्रद्दुम्न ने खिताब कायम रखा। हालांकि, डिस्कस थ्रो में उन्हों कांस्य से ही संतोष करना पड़ा। स्वर्ण बराड़ के हमवतन बलकार सिंह के नाम रहा। मोहिंदर ने ट्रिपल जंप में सोना जीता।

शुरू हुई मशाल की परंपरा
ओलंपिक की तर्ज पर पहली बार मशाल की परंपरा शुरू की गई। मशाल रिले 4 साल पहले मनीला में हुए रिजल मेमेरियल स्टेडियम से शुरू हुई।

हॉकी में चांदी
पहली बार इन खेलों में शामिल की गई पुरुष हॉकी में भारत को रजत से संतोष करना पड़ा। भारत और पाकिस्तान के बीच फाइनल गोलरहित ड्रॉ रहने के बावजूद गोल औसत में पिछड़ने के कारण बलबीर सिंह सीनियर की कप्तानी वाली भारतीय टीम के खाते में चांदी ही आई। टेबल टेनिस, टेनिल, जूडो और वालीबॉल को भी पहली बार इन खेलों में शामिल किया गया।
विज्ञापन
विज्ञापन


-287 दल ने जापान की तरफ से भाग लिया, जो इन खेलो का सबसे बड़ा दल था।

-138 पदकों  (67 स्वर्ण, 41 रजत और 30 कांस्य) के साथ तालिका में तीसरी बार शीर्ष पर बना रहा जापान।

-13 पदक (5 स्वर्ण, 4 रजत और 4 कांस्य) के साथ तालिका में 7वें स्थान पर रहा भारत, जोकि पिछले खेलों से दो स्थान नीचे रहा।

तीसरे एशियाई खेल (कब से कब तक)
24 मई से 01 जून तक, टोक्यों 1958
देश 20, खेल 13, खिलाड़ी 1820 और  स्पर्धाएं 112 

और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें